सीए को पुलिस उत्पीड़न से बचाने के लिए कानून बनाने की मांग लोकसभा में उठी
भोपाल सांसद आलोक शर्मा ने लोकसभा में नियम 377 के तहत चार्टर्ड अकाउंटेंट्स के लिए प्रभावी कानूनी संरक्षण की मांग की। उन्होंने कहा कि क्लाइंट विवादों में सीए को अनावश्यक परेशानी झेलनी पड़ती है।

द क्लिफ न्यूज़ | भोपाल | 12 अगस्त 2026
भोपाल से सांसद आलोक शर्मा ने बुधवार को लोकसभा में नियम 377 के तहत चार्टर्ड अकाउंटेंट्स (सीए) को अनावश्यक पुलिस उत्पीड़न से बचाने के लिए एक प्रभावी कानूनी संरक्षण कानून बनाने की पुरजोर मांग उठाई है। उन्होंने सरकार से सीए समुदाय की लंबे समय से चली आ रही इस महत्वपूर्ण समस्या पर ध्यान देने का आग्रह किया।
सांसद आलोक शर्मा ने सदन को संबोधित करते हुए कहा कि चार्टर्ड अकाउंटेंट्स देश की अर्थव्यवस्था, कर प्रणाली, वित्तीय अनुशासन और पारदर्शिता को मजबूत करने में अपनी अमूल्य भूमिका निभाते हैं। इसके बावजूद, यह देखा गया है कि कई बार क्लाइंट और सीए के बीच उत्पन्न विवादों में, जबकि सीए की कोई प्रत्यक्ष गलती नहीं होती, उन्हें पुलिस द्वारा अनावश्यक रूप से परेशान किया जाता है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में सीए को घंटों थाने में बिठाना या मानसिक दबाव बनाना किसी भी सम्मानित पेशेवर की गरिमा के खिलाफ है। सीए अपने पेशेवर कार्य क्लाइंट द्वारा उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों और सूचनाओं के आधार पर करते हैं। यदि क्लाइंट गलत जानकारी या दस्तावेज प्रस्तुत करता है, तो बिना निष्पक्ष जांच के पूरी जिम्मेदारी सीए पर डालना उचित नहीं है।
सीए के विरुद्ध कार्रवाई में निष्पक्षता का आग्रह
सांसद शर्मा ने इस बात पर बल दिया कि किसी भी सीए के विरुद्ध कोई भी कार्रवाई करने से पूर्व उसकी वास्तविक भूमिका, उसे प्राप्त जानकारी और उसकी जिम्मेदारी की गहन और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने पुलिस और अन्य जांच एजेंसियों के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश बनाए जाने की वकालत की, ताकि केवल पेशेवर संबंधों या क्लाइंट के विवाद के आधार पर सीए को अनावश्यक रूप से थाने में पूछताछ के लिए नहीं बुलाया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि जांच में सहयोग करने वाले चार्टर्ड अकाउंटेंट्स के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाना चाहिए और उन्हें केवल निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत ही पूछताछ के लिए बुलाया जाना चाहिए। कानून का पालन सुनिश्चित करते हुए निर्दोष सीए को अनावश्यक उत्पीड़न से बचाने के लिए स्पष्ट और प्रभावी कानूनी संरक्षण अत्यंत आवश्यक है।
संसद के दोनों सदनों में गूंजा मुद्दा
लोकसभा में यह विषय नियम 377 के अंतर्गत सूचीबद्ध मामलों में तीसरे क्रम पर था। लोकसभा अध्यक्ष ने नियम 377 के तहत उठाए गए मामलों को सभा पटल पर रखने के आदेश दिए। यह उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा भी राज्यसभा में चार्टर्ड अकाउंटेंट्स के लिए एक संरक्षण कानून बनाए जाने की आवश्यकता का मुद्दा उठा चुके हैं। इस प्रकार, सीए समुदाय की यह लंबे समय से चली आ रही मांग अब संसद के दोनों सदनों में उठाई जा चुकी है, जो इसके महत्व को दर्शाता है।
सांसद आलोक शर्मा ने केंद्र सरकार से पुनः आग्रह किया कि चार्टर्ड अकाउंटेंट्स के पेशेवर दायित्वों को ध्यान में रखते हुए उनके लिए स्पष्ट कानूनी संरक्षण, जांच की निर्धारित प्रक्रिया और पुलिस-प्रशासन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश तैयार किए जाएं। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि केवल वास्तविक दोषियों के विरुद्ध ही कार्रवाई हो और निर्दोष पेशेवरों को अनावश्यक मानसिक एवं पेशेवर उत्पीड़न का सामना न करना पड़े।
