श्रीप्रिया रंगनाथन की मिस्र, फिलिस्तीन यात्रा: 'ग्लोबल साउथ' और 'टू-स्टेट सॉल्यूशन' पर भारत का जोर
भारत की विदेश मंत्रालय की सचिव श्रीप्रिया रंगनाथन ने मिस्र में 'ग्लोबल साउथ' की आवाज मजबूत करने और फिलिस्तीन में 'टू-स्टेट सॉल्यूशन' के प्रति भारत की प्रतिबद्धता पर जोर दिया। उन्होंने दोनों देशों के साथ द्विपक्षीय संबंधों को गहरा करने पर भी चर्चा की।

द क्लिफ न्यूज़ | 19 अगस्त 2026
विदेश मंत्रालय में सचिव (कांसुलर, पासपोर्ट, वीजा एवं प्रवासी भारतीय मामले) श्रीप्रिया रंगनाथन ने मिस्र और फिलिस्तीन की अपनी छह दिवसीय आधिकारिक यात्रा के दौरान 'ग्लोबल साउथ' के विकास और फिलिस्तीन में 'टू-स्टेट सॉल्यूशन' की स्थापना के प्रति भारत की अटूट प्रतिबद्धता पर एक बार फिर बल दिया है। रंगनाथन का यह दौरा 16 अगस्त से शुरू हुआ था और इसका उद्देश्य इन देशों के साथ भारत के रणनीतिक संबंधों को और मजबूत करना है।
अपनी यात्रा के पहले चरण में काहिरा पहुंचीं रंगनाथन ने डिप्लोमैटिक क्लब में भारतीय दूतावास और 'भारतीय वैश्विक मामलों की परिषद' (आईसीडब्ल्यूए) द्वारा आयोजित एक महत्वपूर्ण सम्मेलन को मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित किया। "ब्रिक्स में भारत-मिस्र साझेदारी: ग्लोबल साउथ की मजबूत आवाज़" विषय पर केंद्रित इस सत्र में उन्होंने ब्रिक्स के विस्तारित ढांचे के भीतर दोनों देशों की कूटनीतिक प्राथमिकताओं को साझा किया। उन्होंने 'लीग ऑफ अरब स्टेट्स' के सहायक महासचिव खालिद मंजलावी से भी मुलाकात की, जिसमें अरब जगत और भारत की रणनीतिक कड़ियों को मजबूत करने पर बल दिया गया। मिस्त्र स्थित भारतीय दूतावास के अनुसार, रंगनाथन ने एशियाई मामलों के लिए मिस्र के विदेश राज्य मंत्री, अम्र हमज़ा से भी मुलाकात की। इस बैठक में दोनों पक्षों ने भारत-मिस्र के बीच बढ़ती रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा की और राजनीतिक, आर्थिक तथा रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग को और गहरा करने के तरीकों पर विस्तार से चर्चा की। क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर भी दोनों देशों ने अपने विचार साझा किए।
फिलिस्तीन में 'टू-स्टेट सॉल्यूशन' पर भारत का समर्थन
यात्रा के दूसरे चरण में फिलिस्तीन की राजधानी रामल्लाह पहुंचीं रंगनाथन ने फिलिस्तीन की विदेश और प्रवासी मामलों की मंत्री वारसेन अगाबेकियन शाहीन के साथ मुलाकात की। फिलिस्तीन में भारत के प्रतिनिधि कार्यालय ने बताया कि भारत ने बातचीत के माध्यम से 'दो-राष्ट्र समाधान' (टू-स्टेट सॉल्यूशन) के लिए अपने लंबे समय से चले आ रहे समर्थन को दोहराया। उन्होंने गाजा में मानवीय स्थिति से निपटने के लिए निरंतर मानवीय सहायता तथा कूटनीति के महत्व पर भी ज़ोर दिया।
इसके अतिरिक्त, सचिव रंगनाथन ने फिलिस्तीन के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. माजेद अबू रमदान से भी मुलाकात की। इस बैठक में फिलिस्तीनी स्वास्थ्य क्षेत्र को भारत के समर्थन को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा हुई। रंगनाथन ने फिलिस्तीनी स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए भारत द्वारा की जा रही सहायता पर प्रकाश डाला, जिसमें आवश्यक दवाएं, कैंसर-रोधी दवाएं, कृत्रिम अंग लगाने के कैंप और गाजा में भारतीय फील्ड अस्पताल की तैनाती जैसी पहलें शामिल हैं। उन्होंने भारत सरकार की ओर से फिलिस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय को दवाओं की एक खेप भी सौंपी। इस दौरान उन्होंने यूएनआरडब्ल्यूए स्वास्थ्य केंद्र का भी दौरा किया।
लेबनान दौरे का एजेंडा
अपनी यात्रा के अंतिम चरण में, श्रीप्रिया रंगनाथन 20 से 21 अगस्त तक लेबनान के दौरे पर रहेंगी। इस दौरान वह विभिन्न महत्वपूर्ण बैठकों में हिस्सा लेंगी। उम्मीद है कि इन बैठकों में भूमध्यसागरीय क्षेत्र के सुरक्षा समीकरणों, द्विपक्षीय व्यापार संवर्धन, क्षमता निर्माण और लेबनान में रह रहे भारतीय प्रवासी समुदाय के कल्याण व कूटनीतिक सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर व्यापक सहमति बनाने का प्रयास किया जाएगा।
