श्रीलंका में भारत की 'पड़ोसी प्रथम' पहल: 48 घरों का उद्घाटन
श्रीलंका के केगाले और कलुतारा जिलों में भारत की आर्थिक सहायता से बने दो मॉडल गांवों का उद्घाटन हुआ। इस परियोजना के तहत 48 पक्के घर निम्न-आय वर्ग के परिवारों को सौंपे गए।

द क्लिफ न्यूज़ | कोलंबो | 30 जुलाई 2026
भारत की 'पड़ोसी प्रथम' नीति के तहत श्रीलंका के सतत विकास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए, देश के केगाले और कलुतारा जिलों में दो नए मॉडल विलेज 'नंदा गामा' और 'जाना अरुणा गामा' का आधिकारिक उद्घाटन कर उन्हें स्थानीय लाभार्थियों को सौंप दिया गया है। इन गांवों में भारत सरकार की आर्थिक अनुदान सहायता से कुल 48 पक्के घरों का निर्माण किया गया है।
श्रीलंका में भारत के उच्चायुक्त संतोष झा ने इन परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इस पहल का उद्देश्य श्रीलंका के सभी 25 जिलों में निम्न-आय वर्ग के परिवारों के लिए स्थायी आवास का निर्माण करना है, जो दोनों देशों के बीच अटूट कूटनीतिक और सांस्कृतिक संबंधों को रेखांकित करता है। उद्घाटन समारोह के दौरान, केगाले में श्रीलंका के पर्यावरण मंत्री डॉ. दम्मिका पटाबेंदी और कलुतारा में स्वास्थ्य एवं जनसंचार मंत्री डॉ. नलिंदा जयतिस्सा भी उपस्थित रहे।
मॉडल गांवों से जीवन स्तर में सुधार
उच्चायुक्त झा ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर साझा करते हुए कहा कि घर देना, ज़िंदगी बदलना है। उन्होंने कलुतारा में 20वें मॉडल विलेज, 'जाना अरुणा गामा' के उद्घाटन का उल्लेख किया। इस अवसर पर आवास, निर्माण और जलापूर्ति मंत्री डॉ. सुशील रानासिंघे और स्वास्थ्य एवं जनसंचार मंत्री डॉ. नलिंदा जयतिस्सा भी उनके साथ थे। उन्होंने जोर दिया कि भारत की अनुदान सहायता से श्रीलंका के सभी 25 जिलों में घर बनाए जा रहे हैं, जो जमीनी स्तर पर लोगों के जीवन को बदलने में भारत-श्रीलंका दोस्ती की मजबूती को प्रदर्शित करता है।
यह 'मॉडल विलेज हाउसिंग प्रोजेक्ट' न केवल जरूरतमंदों को आश्रय प्रदान करने पर केंद्रित है, बल्कि बुनियादी ढांचे को मजबूत करके स्थानीय लोगों के जीवन स्तर को ऊपर उठाने का भी प्रयास करता है। इस संपूर्ण परियोजना के तहत, द्वीप राष्ट्र के सभी जिलों में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए योजनाबद्ध तरीके से प्रत्येक जिले में एक मॉडल विलेज का विकास किया जा रहा है। प्रत्येक गांव में अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त 24 पक्के आवास शामिल हैं।
भारत की 'पड़ोसी प्रथम' नीति
भारत लंबे समय से अपनी ‘पड़ोसी प्रथम’ नीति के माध्यम से श्रीलंका की विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण सहायता प्रदान कर रहा है। चाहे वह श्रीलंका का अभूतपूर्व आर्थिक संकट रहा हो, या फिर डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वास्थ्य, शिक्षा, आपदा प्रबंधन और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्र हों, भारत ने हमेशा एक सच्चे मित्र की भूमिका निभाई है। यह आवास परियोजना भारत की इस प्रतिबद्धता का एक और प्रमाण है।
