श्री राम-जानकी मंदिर में हरियाली तीज से शुरू हुआ झूला उत्सव
नर्मदापुरम के श्री राम-जानकी मंदिर में हरियाली तीज के पावन अवसर पर हिंडोला उत्सव का शुभारंभ हुआ। यह उत्सव पूर्णिमा तक चलेगा, जिसमें श्रद्धालु ठाकुरजी के मनमोहक स्वरूप के दर्शन करेंगे।

द क्लिफ न्यूज़ | नर्मदापुरम | 15 अगस्त 2026
नर्मदापुरम के सेठानी घाट स्थित श्री राम-जानकी मंदिर में श्रावण मास की पावन तिथि हरियाली तीज के अवसर पर भक्ति और उल्लास का वातावरण देखने को मिला। इस शुभ दिन पर मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण एवं बाल गोपाल को एक विशेष रूप से तैयार किए गए, आकर्षक और मनमोहक झूले में विराजमान कराकर विधि-विधानपूर्वक हिंडोला उत्सव का शुभारंभ किया गया।
उत्सव के दौरान, ठाकुरजी को एक विशेष रूप से तैयार की गई पोशाक पहनाई गई। फूलों और अन्य सजावटी सामग्री से सुसज्जित इस मनमोहक झूले में भगवान के दर्शन कर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। मंदिर परिसर में भक्तों ने श्रद्धा और भक्ति के साथ भगवान को झूला झुलाया और झूला एवं हिंडोले से संबंधित पारंपरिक पदों का गायन किया। यह आयोजन भारतीय धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं के प्रति आस्था की एक जीवंत अभिव्यक्ति थी।
परंपरा और भक्ति का संगम
हरियाली तीज का पर्व भारतीय धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं में गहरा महत्व रखता है। श्रावण मास में प्रकृति के हरे-भरे स्वरूप के बीच मनाए जाने वाला यह पर्व उल्लास, भक्ति और लोक परंपराओं से ओत-प्रोत होता है। श्री राम-जानकी मंदिर में आयोजित झूला उत्सव इसी पवित्र धार्मिक परंपरा को आगे बढ़ाने का एक माध्यम बना है।
भगवान श्रीकृष्ण एवं बाल गोपाल को झूला झुलाने की इस परंपरा के दौरान, मंदिर परिसर भजनों और भक्तिमय पदों से गूंज उठा, जिसने श्रद्धालुओं को एक गहरा आध्यात्मिक आनंद प्रदान किया। भक्तों ने भगवान के मनमोहक श्रृंगार और उनके झूले के दर्शन करते हुए सुख-समृद्धि की कामना की।
तीज से पूर्णिमा तक चलेगा उत्सव
मंदिर में शुरू हुआ यह झूला उत्सव हरियाली तीज से लेकर पूर्णिमा तिथि तक निरंतर जारी रहेगा। इस अवधि के दौरान, प्रतिदिन भगवान श्रीकृष्ण एवं बाल गोपाल को विभिन्न प्रकार के मनमोहक और आकर्षक झूलों में विराजमान कराया जाएगा, जिससे मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को भगवान के अनूठे स्वरूपों के दर्शन का अवसर प्राप्त होगा।
आयोजकों के अनुसार, इस उत्सव के दौरान धार्मिक परंपराओं के अनुरूप झूला एवं हिंडोला पदों का गायन भी किया जाएगा। इसका उद्देश्य नई पीढ़ी को भारतीय धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं से जोड़ना और उन्हें हमारी समृद्ध विरासत से परिचित कराना है।
श्रद्धालुओं में दिखा उत्साह
हरियाली तीज के पावन अवसर पर मंदिर पहुंचे श्रद्धालुओं में एक विशेष उत्साह देखा गया। भगवान के मनमोहक श्रृंगार और सुंदर हिंडोले के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर में उपस्थित हुए और पूर्ण श्रद्धा के साथ पूजा-अर्चना की। पूरा मंदिर परिसर भक्ति गीतों और मंगलकारी जयकारों से जीवंत हो उठा।
श्री राम-जानकी मंदिर में शुरू हुआ यह झूला उत्सव आने वाले दिनों में भी श्रद्धालुओं के लिए आस्था, भक्ति और आनंद का एक प्रमुख केंद्र बना रहेगा। तीज से पूर्णिमा तक चलने वाला यह उत्सव न केवल धार्मिक आस्था को सुदृढ़ करेगा, बल्कि सनातन संस्कृति और परंपराओं की जीवंतता का भी परिचय देगा।
