श्री राधा कृष्ण मंदिर में जन्माष्टमी का भव्य उत्सव, भजन संध्या और मटकी फोड़
बारादरी स्थित प्राचीन श्री राधा कृष्ण मंदिर में जन्माष्टमी का पर्व धूमधाम से मनाया गया। मनमोहक श्रृंगार, पालना उत्सव, भजन संध्या और मटकी फोड़ ने समां बांधा।

संवाददाता: महेंद्र शर्मा
द क्लिफ न्यूज़ | 6 सितंबर 2026
बारादरी स्थित प्राचीन श्री राधा कृष्ण मंदिर में श्री कृष्ण जन्माष्टमी का पावन पर्व अत्यंत हर्षोल्लास और उमंग के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मंदिर को विशेष रूप से सजाया गया और मनमोहक बाल गोपाल का श्रृंगार किया गया। श्रद्धालुओं ने श्रद्धापूर्वक बाल गोपाल को झूले में सजाकर पालना उत्सव मनाया, जो जन्माष्टमी के उल्लास का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा।
प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी मंदिर परिसर में एक भव्य भजन संध्या का आयोजन किया गया, जिसमें नगर के प्रतिष्ठित भजन समूह, श्री सद्गुरु म्यूजिकल ग्रुप, के कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से समां बांधा। संयोजक अनीता देवी के नेतृत्व में कलाकारों ने देर रात्रि तक मनमोहक भजनों की प्रस्तुति दी, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। ढोल-मजीरों की थाप और पटाखों की गूंज के बीच महाआरती संपन्न हुई, जिसके उपरांत श्रद्धालुओं को प्रसाद के तौर पर पंजरी और लड्डू वितरित किए गए।
बाल गोपालों की मनमोहक प्रस्तुतियां
इस उत्सव में कई बाल गोपालों ने राधा और कृष्ण का रूप धारण कर मनमोहक नृत्य प्रस्तुतियां दीं, जिसने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। बच्चों की इन नन्ही-मुन्नों की प्रस्तुतियों ने न केवल जन्माष्टमी के उल्लास को और अधिक बढ़ा दिया, बल्कि उनकी मासूमियत और भक्ति भावना ने सभी का मन मोह लिया। विभिन्न गीतों पर आधारित इन नृत्यों में बाल कलाकारों ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया, जिसे देखकर उपस्थित सभी श्रद्धालु भावविभोर हो गए। यह दृश्य जन्माष्टमी के पर्व की गरिमा और आनंद को और अधिक बढ़ा रहा था, जहाँ नई पीढ़ी भी अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़ रही थी।
मटकी फोड़ का रोमांचक आयोजन
महाआरती के पश्चात, एक रोमांचक मटकी फोड़ का आयोजन भी किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में नगरवासियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस पारंपरिक खेल में, ऊँचे टांगे गए मटकी को तोड़कर उसमें रखा प्रसाद प्राप्त करने की होड़ देखने को मिली। इस आयोजन में उत्साह का माहौल देखने को मिला, जहाँ प्रतिभागियों ने अपनी शारीरिक क्षमता और टीम भावना का प्रदर्शन किया। बच्चों और बड़ों दोनों ने ही इस खेल का भरपूर आनंद उठाया, और वातावरण उल्लास से भर गया। इस आयोजन ने सामाजिक जुड़ाव को भी मजबूत किया, जहाँ सभी एक साथ मिलकर पर्व का आनंद मना रहे थे।
भजन संध्या और प्रसाद वितरण
श्री सद्गुरु म्यूजिकल ग्रुप द्वारा प्रस्तुत किए गए भजनों ने भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया। अनीता देवी के कुशल संयोजन में, कलाकारों ने कृष्ण लीलाओं और उनकी महिमा का गुणगान करने वाले भजनों की एक श्रृंखला प्रस्तुत की। श्रोता भजनों की धुन पर झूमने लगे और पूरा मंदिर परिसर भक्ति के सागर में डूब गया। ढोल-मजीरों की मधुर ध्वनि और पटाखों की गूंज के साथ महाआरती का आयोजन भी विशेष रहा। आरती के पश्चात्, श्रद्धालुओं के बीच श्रद्धापूर्वक पंजरी और लड्डू का प्रसाद वितरण किया गया, जो इस पावन पर्व का एक अभिन्न अंग है। इस प्रसाद को ग्रहण कर भक्तों ने धन्यता का अनुभव किया।
नगर के निर्माण नागरिक भजन संध्या और आरती के दौरान विशेष रूप से उपस्थित रहे, जिन्होंने उत्सव की शोभा बढ़ाई और आयोजकों का उत्साहवर्धन किया। उनकी उपस्थिति ने कार्यक्रम को और भी गरिमापूर्ण बना दिया। यह आयोजन न केवल धार्मिक महत्व का था, बल्कि इसने सामुदायिक भावना को भी मजबूत किया।
