श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति: विश्व हिंदू महासंघ ने निकाली विशाल शोभायात्रा
विश्व हिंदू महासंघ ने बलरामपुर में श्री कृष्ण जन्मभूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने की मांग को लेकर एक भव्य शोभायात्रा निकाली। वक्ताओं ने 1968...

बलरामपुर उत्तर प्रदेश | संवाददाता: अनिरुद्ध शुक्ल
द क्लिफ न्यूज़ | बलरामपुर | 12 सितंबर 2026
उत्तर प्रदेश के बलरामपुर में विश्व हिंदू महासंघ ने श्री कृष्ण जन्मभूमि को पूरी तरह से अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग को लेकर एक विशाल शोभायात्रा का आयोजन किया। गायत्री मंदिर से शुरू हुई यह यात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए हनुमानगढ़ी मंदिर वीर विनय चौक तक पहुंची। इस दौरान पूरा नगर भक्तिमय हो गया और जगह-जगह नागरिकों द्वारा रथ पर पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया।
शोभायात्रा के आरंभ से पहले एक हवन अनुष्ठान का आयोजन किया गया। इसके उपरांत, मातृशक्ति की जिला अध्यक्ष सुनीता तिवारी, जिला प्रभारी अर्चना सिंह और सैकड़ों की संख्या में महिलाओं ने संत अवेद्यनाथ की आरती उतारी। साधु-संतों और महासंघ के कार्यकर्ताओं ने भी श्रद्धा सुमन अर्पित किए। यात्रा के दौरान, भगवान कृष्ण के रथ को कुछ देर रोका गया, जहाँ श्रद्धालुओं ने पूजन और आरती की। यात्रा में शामिल लोग 'कृष्ण लला हम आएंगे, मथुरा मुक्त कराएंगे' जैसे नारों का लगातार उद्घोष करते रहे।
1968 के बंटवारे को बताया विश्वासघात, अधिनियम की आलोचना
हनुमानगढ़ी मंदिर में एक सभा को संबोधित करते हुए विश्व हिंदू महासंघ के जिला अध्यक्ष चौधरी विजय सिंह ने वर्ष 1968 में हुए श्री कृष्ण जन्मभूमि के बंटवारे को हिंदू समाज के साथ एक बड़ा विश्वासघात करार दिया। उन्होंने 1991 के उपासना स्थल (विशेष प्रावधान) अधिनियम को तुष्टिकरण की नीति बताते हुए इसकी कड़ी आलोचना की। चौधरी सिंह ने कहा कि मुगल शासकों ने केवल देवी-देवताओं के स्थलों को ही विध्वंस करके मस्जिदें क्यों बनवाईं, जबकि वे अन्य स्थानों पर भी निर्माण कर सकते थे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि वर्तमान शासनकाल में सनातन धर्म अपने उस गौरव को पुनः प्राप्त करेगा जो सदैव से उसका रहा है।
'कन्हैया और नंदी कब तक रहेंगे बंदी' पर महासंघ की प्रतिक्रिया
मातृशक्ति की जिला अध्यक्ष सुनीता तिवारी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस कथन का उल्लेख किया जिसमें उन्होंने पूछा था, 'कन्हैया और नंदी कब तक रहेंगे बंदी'। उन्होंने कहा कि विश्व हिंदू महासंघ ने इस चिंता को एक चुनौती के रूप में स्वीकार किया है। गोरखनाथ पीठ की तीन पीढ़ियों के मार्गदर्शन का हवाला देते हुए, महासंघ ने अब यह स्पष्ट कर दिया है कि अब कन्हैया और नंदी को और बंदी नहीं रहने दिया जाएगा। उन्होंने सनातन धर्म की रक्षा और जन्मभूमि की मुक्ति के संकल्प को दोहराया।
इस कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष सोशल मीडिया गंगा शर्मा कौशिक, विशिष्ट अतिथि डीपी सिंह, मीडिया प्रभारी शेरावाली शुक्ला, राधेश्याम कौशल, जय सिंह, जीवनलाल, मिथिलेश गिरी, वेद प्रकाश जायसवाल, विजय प्रताप सोनी, सुग्रीव कश्यप, जनक राम जायसवाल, बसंत पांडे, शैलेंद्र शर्मा, रामकिशन, प्रेमनाथ मिश्रा, कालीदीन, प्रेम मिश्रा, रवि यादव, नरेंद्र देव वर्मा और संतोष दुबे सहित सैकड़ों कार्यकर्ता और पदाधिकारी शामिल हुए। संत समाज का प्रतिनिधित्व करते हुए वीरेंद्र बाबा और उनके सहयोगी भी इस आयोजन का हिस्सा बने। विभिन्न वक्ताओं ने अपने जोशीले विचारों से सनातन धर्म की रक्षा और जन्मभूमि मुक्ति के संकल्प को और अधिक मजबूती प्रदान की। अंत में, सभा के माध्यम से प्रशासन और समाज के समक्ष अपनी मांगों को पुरजोर तरीके से रखा गया, जिसमें श्री कृष्ण जन्मभूमि को पूर्ण रूप से अतिक्रमण मुक्त करने की मांग प्रमुख थी।
