श्रमिकों के विरोध प्रदर्शन के बाद गुना में सामूहिक गिरफ्तारियां
गुना में संयुक्त ट्रेड यूनियन और किसान मोर्चा ने केंद्र सरकार की चार श्रम संहिताओं के विरोध में कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया और सामूहिक गिरफ्तारियां दीं।

द क्लिफ न्यूज़ | गुना | 10 अगस्त 2026
केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित चार श्रम संहिताओं के विरोध में सोमवार को गुना में संयुक्त ट्रेड यूनियन मोर्चा और संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर बड़ी संख्या में श्रमिकों और किसानों ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर सामूहिक गिरफ्तारियां दीं। इस प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी मांगों को लेकर उग्र तेवर दिखाए।
प्रदर्शन से पूर्व डाक बंगला परिसर में एक आम सभा का आयोजन किया गया, जिसमें सीटू, इंटक सहित विभिन्न ट्रेड यूनियनों और कर्मचारी संगठनों के नेताओं ने हिस्सा लिया। सभा को संबोधित करते हुए सीटू के राज्य उपाध्यक्ष डॉ. विष्णु शर्मा, जिलाध्यक्ष सुरेंद्र सैनी, महासचिव गिरीश कश्यप, ज्ञानेश मेर, आंगनबाड़ी यूनियन की नेता किरण तिवारी, कृष्णा कुशवाह, आशा-ऊषा यूनियन की नेता मिथलेश गोस्वामी, रामवती शिकारी और इंटक नेता राजेंद्र तिवारी ने केंद्र सरकार की नीतियों की कड़ी आलोचना की।
श्रम संहिताओं का विरोध, हड़ताल के अधिकार पर प्रहार
वक्ताओं ने केंद्र सरकार द्वारा चार श्रम संहिताओं को अधिसूचित करने और उनकी नियमावली जारी करने पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने आरोप लगाया कि इन संहिताओं का मुख्य उद्देश्य ट्रेड यूनियनों को कमजोर करना, श्रमिकों के हड़ताल के अधिकार को समाप्त करना, कार्य के घंटों में वृद्धि करना और श्रमिकों की सुरक्षा को खतरे में डालना है। नेताओं का मानना है कि ये संहिताएँ श्रमिक वर्ग के हितों के विरुद्ध हैं और इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता।
आम सभा के बाद, सभी कार्यकर्ता और नेता हाथों में बैनर और झंडे लिए एक विशाल रैली के रूप में कलेक्ट्रेट की ओर बढ़े। कलेक्ट्रेट परिसर में पहुँचते ही उन्होंने अपना विरोध प्रदर्शन तेज कर दिया और केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की, लेकिन वे अपनी मांगों पर अड़े रहे और अंततः सामूहिक गिरफ्तारी दी।
राज्यपाल को ज्ञापन, संहिताओं को रद्द करने की मांग
प्रदर्शन के समापन पर, संयुक्त मोर्चा के प्रतिनिधियों ने राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन जिला कलेक्टर को सौंपा। इस ज्ञापन में केंद्र सरकार से तत्काल प्रभाव से चारों श्रम संहिताओं को रद्द करने की मांग की गई है। ज्ञापन में कहा गया है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो वे भविष्य में और कड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। इस प्रदर्शन ने गुना में श्रमिक वर्ग के बीच बढ़ते असंतोष को उजागर किया है।
