शिवपुरी के बाणगंगा धाम में 5 से 10 अक्टूबर तक भक्तमाल कथा और पितृ यज्ञ
शिवपुरी के प्राचीन श्री बाणगंगा धाम में 5 अक्टूबर से 10 अक्टूबर तक श्रीमद् भक्तमाल कथा का आयोजन होगा। साथ ही, 26 सितंबर से शुरू होकर 10 अक्टूबर तक चलने वाले पितृ यज्ञ में पूर्वजों की शांति के लिए आहुति दी जाएगी।

संवाददाता: रंजीत गुप्ता
द क्लिफ न्यूज़ | शिवपुरी | 7 सितंबर 2026
मध्य प्रदेश के शिवपुरी में स्थित प्राचीन श्री बाणगंगा धाम तीर्थ क्षेत्र एक बड़े धार्मिक आयोजन का गवाह बनने जा रहा है। 5 अक्टूबर से 10 अक्टूबर तक श्रीमद् भक्तमाल कथा का आयोजन किया जाएगा, जिसमें श्रद्धालुओं को भक्ति और संत परंपरा के आदर्शों से जोड़ा जाएगा। इस आयोजन की तैयारियां वर्तमान में जोर-शोर से चल रही हैं।
कथा के दौरान, जगदगुरु श्री 1008 श्री रामानंदाचार्य वल्लभाचार्य जी पीठाधीश्वर, श्री राम हर्षण मैथिल सख्य, श्री धाम अयोध्या कथा व्यास के रूप में भक्तमाल में वर्णित संतों और भक्तों के चरित्रों का वर्णन करेंगे। महामंडलेश्वर महंत श्री नारायण दास जी महाराज बाणगंगा तीर्थ क्षेत्र का पावन सानिध्य इस पूरे कार्यक्रम को मार्गदर्शन देगा।
पितृ यज्ञ का भी होगा विशेष आयोजन
धार्मिक कथा के साथ-साथ, एक महत्वपूर्ण पितृ यज्ञ का भी आयोजन होगा। यह पितृ यज्ञ 26 सितंबर से प्रारंभ होकर कथा के अंतिम दिन, 10 अक्टूबर तक चलेगा। इस यज्ञ में श्रद्धालु अपने पूर्वजों की शांति और मोक्ष की कामना करते हुए आहुति देंगे। आयोजकों का कहना है कि इस आयोजन के माध्यम से संत परंपरा और भक्ति के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
विशेष अनुष्ठान और व्यवस्थाएं
इस धार्मिक कार्यक्रम के दौरान कई विशेष अनुष्ठान भी संपन्न कराए जाएंगे। इनमें 108 गीता पाठ, श्रीमद् भागवत पाठ, श्रीराम रक्षा स्तोत्र पाठ, तत्काल संकट निवारण स्तोत्र, पंच रत्न पाठ और प्रपत्ति प्रभा स्रोत का पाठ शामिल है। श्री बाणगंगा धाम में आयोजन को लेकर पंडाल, यज्ञशाला और श्रद्धालुओं के बैठने की व्यवस्थाएं अंतिम चरण में हैं। समिति के सदस्यों ने बताया कि कथा प्रतिदिन निर्धारित समय पर आयोजित की जाएगी।
श्री बाणगंगा धाम शिवपुरी का एक प्रमुख तीर्थ स्थल है, जहां प्रतिवर्ष विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन होता है। इस वर्ष भक्तमाल कथा और पितृ यज्ञ को लेकर स्थानीय श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। आयोजकों ने क्षेत्र के श्रद्धालुओं से बड़ी संख्या में पहुंचकर इस धार्मिक अनुष्ठान का लाभ उठाने की अपील की है।
