शिव शर्मा हत्याकांड: मुख्य आरोपी श्रद्धा दुबे व दो अन्य नागपुर से गिरफ्तार
बहुचर्चित शिव शर्मा हत्याकांड की मुख्य आरोपी श्रद्धा दुबे, बहन रश्मि व ड्राइवर दानिश को नागपुर से गिरफ्तार किया गया है। तीनों 72 घंटे की ट्रांजिट रिमांड पर लखनऊ लाए जा रहे हैं।

द क्लिफ न्यूज़ | नागपुर | 21 अक्टूबर 2026
बहुचर्चित कारोबारी शिव शर्मा हत्याकांड के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मुख्य आरोपी श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि और ड्राइवर दानिश को नागपुर से गिरफ्तार किया गया है। नागपुर जिला अदालत ने तीनों आरोपियों को 72 घंटे की ट्रांजिट रिमांड पर भेज दिया है। इसके बाद लखनऊ पुलिस और उत्तर प्रदेश एसटीएफ की संयुक्त टीम इन तीनों को आगे की जांच के लिए नागपुर से लखनऊ ले जा रही है।
बता दें कि शिव शर्मा की हत्या के बाद श्रद्धा दुबे 11 दिनों तक पुलिस को चकमा देने में कामयाब रही थी। सूत्रों के अनुसार, शिव शर्मा की मौत के बाद श्रद्धा अपनी बहन रश्मि और ड्राइवर दानिश के साथ नेपाल भाग गई थी। उन्होंने बहराइच के रूपईडीहा होते हुए सीमा पार की और नेपाल में छिपने के लिए कई ठिकाने बदले। इस दौरान उन्होंने छोटे-छोटे होटलों में शरण ली। उनकी गिरफ्तारी पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
अपराध और गिरफ्तारी का घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, श्रद्धा दुबे ही शिव शर्मा हत्याकांड की मुख्य साजिशकर्ता है। हत्या के बाद, उसने और उसके साथियों ने अपराध स्थल से भागने और सबूत मिटाने का प्रयास किया। गिरफ्तारी से पहले, उन्होंने लगातार अपना स्थान बदला और विभिन्न राज्यों से होते हुए नेपाल की ओर भागे। नागपुर पुलिस के सहयोग से लखनऊ पुलिस और उत्तर प्रदेश एसटीएफ की टीमों ने एक संयुक्त अभियान चलाया, जिसके तहत मंगलवार को नागपुर से इन तीनों को पकड़ा गया।
यह गिरफ्तारी एक सुनियोजित योजना का हिस्सा थी, जिसमें उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने स्थानीय नागपुर पुलिस की मदद ली। तीनों संदिग्धों को तब पकड़ा गया जब वे छिपने का प्रयास कर रहे थे। उनकी पहचान और पकड़े जाने की खबर मिलने के बाद, पुलिस की तत्परता से यह महत्वपूर्ण गिरफ्तारी संभव हो सकी। इस कार्रवाई से मामले की तफ्तीश में एक नया मोड़ आया है।
आगे की जांच और पूछताछ
नागपुर कोर्ट द्वारा 25 अक्टूबर तक ट्रांजिट रिमांड मंजूर किए जाने के बाद, तीनों आरोपियों से लखनऊ ले जाकर गहन पूछताछ की जाएगी। पुलिस मामले से जुड़े सभी रहस्यों का पर्दाफाश करने और अन्य संभावित संलिप्त व्यक्तियों का पता लगाने की कोशिश करेगी। इस हत्याकांड से जुड़े कई सवालों के जवाब पूछताछ के दौरान मिलने की उम्मीद है।
ट्रांजिट रिमांड का उद्देश्य इन आरोपियों को उस स्थान पर ले जाना है जहां अपराध हुआ था, ताकि वहां की स्थानीय पुलिस उनसे पूछताछ कर सके और जुटाए गए सबूतों को सत्यापित कर सके। लखनऊ पहुंचने के बाद, पुलिस यह जानने का प्रयास करेगी कि हत्या की योजना कैसे बनाई गई, इसे किसने अंजाम दिया और इसमें और कौन-कौन शामिल हो सकते हैं। श्रद्धा दुबे, रश्मि और दानिश के बयानों के आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई की दिशा तय करेगी।
