शिक्षामित्रों ने सीएम कैशलेस कार्ड, मानदेय और मूल विद्यालय वापसी पर जताई चिंता
बलरामपुर में शिक्षामित्रों ने सीएम कैशलेस कार्ड निर्माण की धीमी गति, मानदेय भुगतान में देरी, मूल विद्यालय वापसी न होने और वेतन रोकने जैसी समस्याओं पर चिंता व्यक्त की है।

द क्लिफ न्यूज़ | बलरामपुर | 31 अगस्त 2026
बलरामपुर जिले में आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन ने सोमवार को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) को एक ज्ञापन सौंपकर शिक्षामित्रों से जुड़ी विभिन्न ज्वलंत समस्याओं की ओर तत्काल ध्यान आकर्षित किया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश प्रताप सिंह के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने इन मुद्दों पर बिंदुवार विस्तृत जानकारी देते हुए तत्काल प्रभावी कार्रवाई की मांग की है।
ज्ञापन में सबसे प्रमुख चिंता मुख्यमंत्री कैशलेस कार्ड के निर्माण की धीमी गति को लेकर व्यक्त की गई है। शासन द्वारा 5 सितंबर की अंतिम तिथि निर्धारित होने के बावजूद, जनपद में इस योजना के क्रियान्वयन की गति काफी न्यून है। एसोसिएशन का आरोप है कि ब्लॉक संसाधन केंद्रों द्वारा समयबद्ध तरीके से आवेदनों को बीएसए कार्यालय तक नहीं भेजा जा रहा है। इसके अतिरिक्त, यह भी शिकायत की गई है कि त्रुटिरहित आवेदनों को भी बीएसए कार्यालय द्वारा निरस्त कर दिया जाता है, जिसके कारण जिले के कई शिक्षामित्रों के लिए अभी तक यह महत्वपूर्ण कार्ड नहीं बन पाया है।
मानदेय भुगतान और बैंक MOU की अनदेखी
समस्याओं के निवारण हेतु, शिक्षामित्रों ने अपने मानदेय खाते पर बेहतर लाभ सुनिश्चित करने के लिए भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के साथ हुए समझौता ज्ञापन (MOU) का भी उल्लेख किया। हालांकि, एसोसिएशन ने आरोप लगाया कि विभाग द्वारा शिक्षामित्रों के मानदेय भुगतान खातों को एसबीआई में स्थानांतरित करने की दिशा में कोई ठोस कार्यवाही नहीं की जा रही है। इस स्थिति के कारण शिक्षामित्रों को अपेक्षित वित्तीय लाभों से वंचित रहना पड़ रहा है।
मूल विद्यालय वापसी और मानदेय में भेदभाव
इसके साथ ही, शासनादेश जारी होने के बावजूद शिक्षामित्रों को उनके मूल विद्यालयों में वापस भेजने की प्रक्रिया में विभाग की निष्क्रियता पर भी असंतोष व्यक्त किया गया। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि ब्लॉकों से मानदेय भुगतान बिल समय पर बीएसए कार्यालय और वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय में प्रेषित न होने के कारण मानदेय भुगतान में अनावश्यक विलंब होता है, जिससे उनके समक्ष आर्थिक कठिनाइयां उत्पन्न होती हैं।
एक अन्य गंभीर मुद्दा यह उठाया गया कि विद्यालयों के निरीक्षण में कमियां पाए जाने पर शिक्षकों और शिक्षामित्रों का वेतन/मानदेय रोक दिया जाता है। जहां शिक्षकों का वेतन बाद में बहाल कर दिया जाता है, वहीं उसी विद्यालय में अल्प मानदेय पर कार्यरत शिक्षामित्रों का मानदेय बहाल करने की दिशा में विभाग द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जाती है। यह भेदभाव शिक्षामित्रों के बीच असंतोष का कारण बन रहा है।
इस अवसर पर महामंत्री जितेंद्र चौधरी, शैलेंद्र प्रताप सिंह, घनश्याम यादव और सिद्धार्थ शंकर भी उपस्थित रहे। एसोसिएशन ने बीएसए से इन सभी समस्याओं पर तत्काल संज्ञान लेकर समाधान सुनिश्चित करने की अपील की है।
