शिक्षकों को 5 लाख तक का कैशलेस इलाज, मुख्यमंत्री ने किया योजना का शुभारंभ
फर्रुखाबाद में शिक्षकों के लिए 5 लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा योजना और सामाजिक सुरक्षा की शुरुआत हुई। पंजाब नेशनल बैंक के साथ एमओयू...

द क्लिफ न्यूज़ | फर्रुखाबाद | 26 जुलाई 2026
फर्रुखाबाद के कलेक्ट्रेट सभागार, फतेहगढ़ में 'मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना एवं शिक्षकों की सामाजिक सुरक्षा' सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के साथ एक महत्वपूर्ण अनुबंध (एमओयू) संबंधी कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के शिक्षकों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं और सुदृढ़ सामाजिक सुरक्षा कवच प्रदान करना है। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय स्तर पर शिक्षकों के सम्मान और उनके कल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जो भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
कार्यक्रम में फर्रुखाबाद के सांसद श्री मुकेश राजपूत मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने इस योजना को शिक्षकों के कल्याण की दिशा में एक मील का पत्थर बताया। कार्यक्रम के दौरान, डॉ0 भीमराव अम्बेडकर यूनिवर्सिटी, आगरा में मुख्यमंत्री द्वारा आयोजित मुख्य कार्यक्रम का सजीव प्रसारण भी दिखाया गया, जिससे उपस्थित शिक्षकों ने मुख्यमंत्री के संबोधन का लाभ उठाया। यह प्रसारण न केवल योजनाओं के क्रियान्वयन की एकरूपता सुनिश्चित करता है, बल्कि दूरदराज के क्षेत्रों में भी शिक्षकों को सीधे सरकारी नीतियों से अवगत कराने में सहायक होता है।
शिक्षकों के स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा को सुदृढ़ बनाना
सांसद श्री मुकेश राजपूत ने अपने संबोधन में कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षकों के कल्याण और उनकी सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना को शिक्षकों और उनके आश्रितों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की एक महत्वपूर्ण पहल करार दिया। इस योजना के माध्यम से, शिक्षक अब गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए लाखों रुपये के चिकित्सा व्यय के बोझ से मुक्त होंगे, जिससे वे पूरी तरह से अपने शिक्षण कार्य पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे। पंजाब नेशनल बैंक के साथ हुए इस अनुबंध से शिक्षकों को विभिन्न बैंकिंग और सामाजिक सुरक्षा संबंधी सुविधाओं का लाभ आसानी से मिल सकेगा, जिसमें ऋण, बचत योजनाओं और बीमा पॉलिसियों जैसी सेवाएं शामिल हैं।
सांसद ने विद्यार्थियों के बौद्धिक और वैचारिक विकास में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षकों की सुरक्षा और उनका विकास छात्रों की प्रगति के लिए अत्यंत आवश्यक है। एक स्वस्थ और सुरक्षित शिक्षक ही अपने छात्रों को बेहतर ज्ञान और संस्कार प्रदान कर सकता है। उन्होंने अभिभावकों से आहवान किया कि वे अपने बच्चों में गुरुजनों के प्रति सम्मान का भाव उत्पन्न करें, ताकि वे शिक्षकों के कुशल मार्गदर्शन में देश की उन्नति में महत्वपूर्ण योगदान दे सकें। यह सामाजिक चेतना का विस्तार है, जहाँ शिक्षक को समाज का एक महत्वपूर्ण स्तंभ माना जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि देश को एक विकसित राष्ट्र बनाने में शिक्षकों की भूमिका निर्विवाद है, क्योंकि वे ही भविष्य के निर्माताओं को तैयार करते हैं।
'मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना' का विस्तृत विवरण
जिला विद्यालय निरीक्षक संजीव कुमार ने 'मुख्यमंत्री कैशलेस चिकित्सा योजना' के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने बताया कि इस योजना के माध्यम से पात्र शिक्षकों को अस्पतालों में 05 लाख रुपये तक के निःशुल्क कैशलेस उपचार की सुविधा उपलब्ध होगी। यह योजना समाज के बौद्धिक और वैचारिक विकास के महत्व को रेखांकित करती है, और यह सुनिश्चित करती है कि शिक्षकों को किसी भी स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थिति में वित्तीय बाधाओं का सामना न करना पड़े। पीएनबी के सहयोग से, शिक्षकों को सामाजिक सुरक्षा से संबंधित विभिन्न योजनाओं और बैंकिंग सेवाओं का लाभ भी दिया जाएगा, जिसमें पेंशन योजनाएं, जीवन बीमा और अन्य वित्तीय उत्पाद शामिल हो सकते हैं, जो उनके भविष्य को सुरक्षित करने में मदद करेंगे।
उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित शिक्षकों से इस योजना का अधिकतम लाभ उठाने और आवश्यक औपचारिकताएं समय पर पूरी करने का आग्रह किया। यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि सभी पात्र शिक्षक इस सुविधा से अवगत हों और इसका उपयोग करने के लिए आवश्यक कदम उठाएं। योजना के सुचारू कार्यान्वयन के लिए एक पारदर्शी प्रक्रिया अपनाई गई है, जिससे किसी भी प्रकार की कठिनाई न हो।
इस अवसर पर, मुख्य अतिथि सहित जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रतीकात्मक रूप से डॉ0 विनीता वर्मा, डॉ0 अजहर जुनैद, डॉ0 राम नरेश सिंह, डॉ0 सत्येंद्र कुमार, डॉ0 विवेक सिंह, डॉ0 रमन प्रकाश, डॉ0 विजय कुमार, डॉ0 आलोक बिहारी, डॉ0 प्रशांत कुमार, डॉ0 शिल्पी, डॉ0 प्रज्ञा दीक्षित, डी0 पारूल मिश्रा, डॉ0 दीपचंद वर्मा, डॉ0 अतुल प्रताप सिंह, डॉ0 सुपर प्रधान, डॉ0 अकालू प्रसाद, डॉ0 विनायक पांडेय, डॉ0 अभिषेक शुक्ला, डॉ0 समीर गुप्ता, डॉ0 नीरज कुमार, डॉ0 अमीर जहां, डॉ0 शाहीन खान, डॉ0 अखिलेश कुमार और डॉ0 अंजू पांडे को कैशलेस कार्ड वितरित किए। यह प्रतीकात्मक वितरण योजना की शुरुआत का प्रतीक था, और जल्द ही अन्य सभी पात्र शिक्षकों को भी यह सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
कार्यक्रम में प्रभारी जिलाधिकारी/मुख्य विकास अधिकारी श्री विनोद कुमार गौड़, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अरुण कुमार सिंह, नोडल अधिकारी उच्च शिक्षा डॉ0 कल्पना, जिला विद्यालय निरीक्षक संजीव कुमार, शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारी, पंजाब नेशनल बैंक के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे। सभी ने इस महत्वपूर्ण पहल के लिए प्रदेश सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया और योजना के सफल कार्यान्वयन की कामना की। यह सहभागिता दर्शाती है कि शिक्षक समुदाय इस योजना को लेकर कितना उत्साहित और आशावान है।
