शिक्षक दिवस पर टीचर्स ऑफ बिहार की पाँच नई पहलें, साइबर सुरक्षा पर जोर
टीचर्स ऑफ बिहार ने शिक्षक दिवस पर शिक्षा, साहित्य, तकनीक और संवाद को बढ़ावा देने के लिए पाँच नई पहलों की शुरुआत की है। इसमें साइबर सुरक्षा जागरूकता कोर्स भी शामिल है।

द क्लिफ न्यूज़ | पटना | 6 सितंबर 2026
शिक्षक दिवस के अवसर पर, 'टीचर्स ऑफ बिहार' ने शिक्षा के क्षेत्र में शिक्षकों, विद्यार्थियों और समाज को नवाचार, तकनीकी जागरूकता और रचनात्मक संवाद से जोड़ने के उद्देश्य से पाँच महत्वपूर्ण पहलों का शुभारंभ किया है। इन पहलों का उद्देश्य शिक्षकों का सम्मान बढ़ाना और शिक्षा प्रणाली में सकारात्मक बदलाव लाना है।
पटना में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम 'लेट्स टॉक' के दौरान इन पहलों की घोषणा की गई। कार्यक्रम में शिक्षा, साहित्य, तकनीक, साइबर सुरक्षा और संवाद जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। 'टीचर्स ऑफ बिहार' के फाउंडर शिव कुमार और टेक्निकल टीम लीडर ई. शिवेंद्र प्रकाश सुमन ने कहा कि ये पहलें शिक्षकों के सम्मान के साथ-साथ शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार और तकनीकी जागरूकता को बढ़ावा देंगी।
ऑनलाइन क्विज और प्रेरणादायक कहानियों का शुभारंभ
शिक्षक दिवस स्पेशल ऑनलाइन क्विज-2026 का आयोजन किया गया, जिसमें पाँच हजार से अधिक शिक्षकों ने भाग लिया। इन सभी प्रतिभागियों को डिजिटल प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। इसके अतिरिक्त, 'शिक्षा के गुमनाम नायक' पहल के माध्यम से शिक्षा के क्षेत्र में विशेष योगदान देने वाले शिक्षकों की प्रेरणादायक कहानियों को समाज के सामने लाने का प्रयास किया जाएगा, ताकि उनके कार्यों को पहचान मिल सके।
साहित्य और संस्कृति को बढ़ावा देने के प्रयास
टीचर्स ऑफ बिहार ने अपनी पहली पत्रिका 'आंचलिका' का विमोचन भी किया। यह पत्रिका बिहार की पाँच प्रादेशिक भाषाओं, साहित्य और लोक-संस्कृति को समर्पित है। इस पहल का उद्देश्य राज्य की भाषाई और सांस्कृतिक विविधता को संरक्षित और प्रचारित करना है।
साइबर सुरक्षा जागरूकता पर विशेष ध्यान
'मैं हूँ साइबरदूत' नामक एक नए कोर्स का शुभारंभ किया गया है। इस कोर्स का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों और आम नागरिकों को साइबर सुरक्षा के महत्व और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के प्रति जागरूक करना है। तेजी से डिजिटल होते समाज में यह पहल विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. विनोद कुमार उपाध्याय ने किया। प्रदेश प्रवक्ता रंजेश कुमार और प्रदेश मीडिया संयोजक मृत्युंजय कुमार ने इस अवसर पर कहा कि 'टीचर्स ऑफ बिहार' शिक्षकों को एक सशक्त डिजिटल मंच प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे उनकी प्रतिभा और नवाचार को व्यापक पहचान मिलेगी। कार्यक्रम को सफल बनाने में संगठन के कई सदस्यों ने सक्रिय भूमिका निभाई।
