शिक्षक दिवस पर सम्मान: कांग्रेस ने शिक्षा व्यवस्था पर सरकार को घेरा
लखनऊ में शिक्षक दिवस पर कांग्रेस ने शिक्षा व्यवस्था पर सरकार को घेरा। प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने 27 हजार प्राइमरी स्कूल बंद होने व 81 हजार पद रिक्त होने पर चिंता जताई।

संवाददाता: शशि भूषण दूबे कंचनीय यूपी स्टेट ब्यूरो प्रमुख लखनऊ
द क्लिफ न्यूज़ | लखनऊ | 5 सितंबर 2026
उत्तर प्रदेश कांग्रेस कार्यालय, लखनऊ में शिक्षक दिवस के अवसर पर एक भव्य 'शिक्षक सम्मान समारोह' का आयोजन किया गया, जिसमें शिक्षाविदों, प्राध्यापकों और महाविद्यालयों व विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों को उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण कांग्रेस प्रदेश प्रभारी आर.पी. गौतम और उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय का संबोधन रहा, जिन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में वर्तमान सरकार की नीतियों पर गंभीर सवाल उठाए।
समारोह का आरंभ महान शिक्षाविद् और देश के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुआ। इस अवसर पर उपस्थित शिक्षा जगत की हस्तियों का मानना था कि शिक्षक न केवल विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान देते हैं, बल्कि उनके व्यक्तित्व, विचारों और भविष्य का निर्माण कर समाज और राष्ट्र की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए, शिक्षकों के सम्मान और उनके योगदान को रेखांकित करना समाज का सामूहिक दायित्व है।
शिक्षा व्यवस्था पर सरकार को घेरा
कांग्रेस प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि वर्तमान सत्तासीन दल शिक्षा और शिक्षण संस्थानों को कमजोर करने की दिशा में काम कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी देश से शिक्षा के अधिकार को छीनने का प्रयास कर रही है। ऐसे गंभीर समय में, उन्होंने शिक्षकों की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि उन्हीं के प्रयासों से समाज में शिक्षा की अलख जगाई रखी जा सकती है।
उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को 'ध्वस्त' बताते हुए कहा कि यह सरकार की शिक्षा के प्रति उदासीनता और छात्रों के प्रति तिरस्कार के भाव का परिणाम है। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि उत्तर प्रदेश में 27 हजार प्राइमरी स्कूल बंद हो चुके हैं और 81 हजार शिक्षकों के पद रिक्त हैं। राय ने यह भी बताया कि केंद्र सरकार ने शिक्षा के मद में इतिहास का सबसे कम, केवल 2.4 प्रतिशत, बजट आवंटित किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था 'शिक्षा माफियाओं' के हवाले है और ऐसे में शिक्षकों का योगदान ही शिक्षा की गरिमा को बचाने में सहायक हो सकता है।
शिक्षाविदों और शिक्षकों का सम्मान
इस समारोह में प्रोफेसर विनोद चंद्रा, आसिम वकार, डॉ. अमित राय, डॉ. श्रवण कुमार सहित कई प्रमुख शिक्षाविद उपस्थित रहे। विभिन्न शिक्षण संस्थानों से जुड़े डॉ. अजय आर्य, प्रो. गुलाब राय, प्रो. आशा परवेज, प्रो. अजय खन्ना, श्रीमती अपर्णा तिवारी, सुश्री मधुमिता, प्रो. वी. बी. सिंह, डॉ. जे. एन. शुक्ला, प्रो. राजेश तिवारी, डॉ. अरविंद कुमार यादव, डॉ. संदीप पटेल, प्रो. निरंजन राय, प्रो. अर्चना मिश्रा, डॉ. वरुणेश्वरी त्रिवेदी, डॉ. राजेश गौतम, डॉ. संत लाल, प्रो. विजय वर्मा, डॉ. सुधा मिश्रा, जय प्रकाश सरोज, बबिता श्रीवास्तव, सोहम जायसवाल, डॉ. मेराजुद्दीन खान, डॉ. अवधेश कुमार सिंह, श्रीमती अपर्णा यादव और श्री एस. आर. यादव सहित अनेक शिक्षकों और शिक्षाविदों को सम्मानित किया गया।
विशेष रूप से, प्रो. अजित कुमार सिंह, पूर्व आचार्य और निदेशक, गिरी विकास अध्ययन संस्थान, लखनऊ को 'शिक्षक शिरोमणि सम्मान' से अलंकृत किया गया। इसके अतिरिक्त, डॉ. अयोध्या शरण तिवारी, प्रो. अजय आर्या, प्रो. गुलाब राय, प्रो. आगा परवेज मसीह, प्रो. अजरा बानो, श्रीमती अपर्णा बानो, डॉ. सीमा पांडे, सुश्री मधुमिता, प्रो. वी.बी. सिंह, डॉ. जे.एन. शुक्ला, प्रो. राजेश तिवारी, डॉ. अरविंद कुमार यादव, डॉ. संदीप पटेल, प्रो. निरंजन राय, प्रो. अर्चना मिश्रा, मो. बदरूज्जमा सिद्दीकी, श्री निहाल अहमद, श्री सुरेश मौर्य, डॉ. राजेश गौतम, डॉ. संतलाल, प्रो. विजय वर्मा, श्री जय प्रकाश सरोज, श्रीमती बबिता श्रीवास्तव, श्रीमती सोनम जायसवाल, डॉ. मेराजुद्दीन खान, डॉ. अवनीश कुमार सिंह को भी शिक्षक दिवस पर सम्मानित किया गया।
गुरुओं के प्रति कृतज्ञता और संकल्प
कार्यक्रम के वक्ताओं ने महान शिक्षाविद डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को स्मरण करते हुए कहा कि शिक्षक दिवस हमें अपने गुरुओं के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है। शिक्षकों को सम्मानित करते हुए उनके दीर्घकालीन शैक्षणिक योगदान, विद्यार्थियों के मार्गदर्शन तथा समाज के प्रति उनकी अमूल्य सेवाओं की सराहना की गई। इस समारोह में यह संकल्प भी लिया गया कि शिक्षा, शिक्षक और शिक्षण संस्थानों की गरिमा एवं अधिकारों की रक्षा के लिए निरंतर आवाज उठाई जाएगी।
