शिक्षक दिवस पर 29 शिक्षक और कर्मियों को डीएम ने किया सम्मानित
बलरामपुर में शिक्षक दिवस के अवसर पर कलेक्ट्रेट में आयोजित समारोह में जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले 29 शिक्षकों और कार्मिकों को सम्मानित किया। डीएम ने कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माण की महत्वपूर्ण कड़ी हैं।

द क्लिफ न्यूज़ | बलरामपुर | 5 सितंबर 2026
जनपद बलरामपुर में आज शिक्षक दिवस के अवसर पर कलेक्ट्रेट में एक गरिमामय समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर भारत के द्वितीय राष्ट्रपति, महान शिक्षाविद् एवं भारत रत्न डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती मनाई गई। जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन और पुलिस अधीक्षक श्री मार्तण्ड प्रकाश सिंह ने डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया तथा शिक्षा के क्षेत्र में उनके अमूल्य योगदान को स्मरण किया।
समारोह की मुख्य आकर्षण उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों और विद्यालयीय कार्मिकों का सम्मान रहा। जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन ने जनपद के विभिन्न विकास खंडों से शिक्षण और विद्यालयीय गतिविधियों में सराहनीय प्रदर्शन करने वाले कुल 29 शिक्षकों एवं कार्मिकों को प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।
जिम्मेदारियों के निर्वहन में शिक्षकों की भूमिका महत्वपूर्ण
जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन ने सम्मानित सभी शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि शिक्षक समाज और राष्ट्र के निर्माण में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि शिक्षकों का दायित्व केवल पाठ्यक्रम पूरा कराना या किताबी ज्ञान देना ही नहीं है, बल्कि बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण में भी उनकी महती भूमिका है। शिक्षकों को बच्चों में जिज्ञासा, आत्मविश्वास, अनुशासन, रचनात्मकता और जीवन में सफलता प्राप्त करने की क्षमता विकसित करने पर ध्यान देना चाहिए।
डॉ. जैन ने रेखांकित किया कि प्रत्येक बच्चे में अद्वितीय प्रतिभा और क्षमताएं होती हैं। शिक्षक इन प्रतिभाओं को पहचानने, उन्हें उचित मार्गदर्शन देने और प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, जिससे बच्चे अपनी पूरी क्षमता का एहसास कर सकें। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में एक ऐसा सकारात्मक और प्रेरणादायक वातावरण निर्मित किया जाना चाहिए जहाँ छात्र बिना किसी झिझक के प्रश्न पूछ सकें, नई चीजें सीख सकें और अपनी प्रतिभा को निखार सकें।
बच्चों के सर्वांगीण विकास पर जोर
जिलाधिकारी ने शिक्षकों से आग्रह किया कि वे प्रत्येक बच्चे की शैक्षिक प्रगति पर व्यक्तिगत ध्यान दें और यह सुनिश्चित करें कि कोई भी छात्र सीखने की प्रक्रिया में पीछे न छूट जाए। उन्होंने नवाचारों और रोचक शिक्षण पद्धतियों को अपनाने, उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी ढंग से उपयोग करने और पठन-पाठन को अधिक आनंददायक व प्रभावी बनाने पर बल दिया।
उन्होंने कहा कि उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों का सम्मान अन्य शिक्षकों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनता है। सभी शिक्षकों को अपने विद्यालयों को भविष्य के निर्माण के केंद्र के रूप में विकसित करना चाहिए। जिलाधिकारी ने कहा कि एक शिक्षक की वास्तविक सफलता उसके विद्यार्थियों की सफलता और उनके जिम्मेदार नागरिक के रूप में समाज में योगदान देने में निहित है।
सम्मानित शिक्षकों की सूची
इस शिक्षक सम्मान समारोह में विभिन्न विकास खंडों से कई शिक्षकों को पुरस्कृत किया गया। विकास खंड बलरामपुर से श्रीमती प्रियंका तिवारी और श्रीमती निर्मला कुमारी, उतरौला से श्रीमती रंजना गुप्ता और श्रीमती शशिना वर्मा, हरैया सतघरवा से श्री अवध बिहारी और श्रीमती आशा गौतम, पचपेड़वा से श्री मनोज कुमार मिश्र और श्री रजनीश, गैसड़ी से श्री राघवेन्द्र सिंह और श्री हरिराम गुप्ता, तुलसीपुर से श्री शुभम श्रीवास्तव और श्री अमित गुप्ता, श्रीदत्तगंज से श्री शिव प्रसाद और मो० असरार सिद्दीकी, रेहरा बाजार से श्री रामेश्वर कुमार वर्मा और श्री जितेन्द्र कुमार प्रजापति, नगर बलरामपुर से श्री मनीष वर्मा और श्रीमती प्रतिमा करौली, तथा गैड़ास बुजुर्ग से श्री कुतुबुल्लाह खान और श्री शिव कुमार को उनके उत्कृष्ट शैक्षणिक एवं विद्यालयीय गतिविधियों में योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
इसके अतिरिक्त, स्पेशल एजुकेटर के रूप में भी कई शिक्षकों को पुरस्कृत किया गया। पचपेड़वा से श्री सत्येन्द्र सिंह, तुलसीपुर से श्रीमती प्रतिमा सिंह, उतरौला से श्री शैलेश कुमार पाण्डेय, नगर बलरामपुर से श्री देव बाबू पाण्डेय, गैड़ास बुजुर्ग से श्री सुरेश चन्द्र चौधरी तथा गैसड़ी से श्री मेराज अहमद को विशेष शैक्षिक कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की श्रेणी में गैड़ास बुजुर्ग की श्रीमती ममता यादव, तुलसीपुर की श्रीमती संगीता मिश्र तथा बलरामपुर देहात की कु० स्नेहलता को उनके सराहनीय कार्यों के लिए सम्मानित किया गया।
जिलाधिकारी ने सभी सम्मानित शिक्षकों और कार्मिकों को भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि जनपद के शिक्षक इसी समर्पण, नवाचार और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करते हुए शिक्षा की गुणवत्ता में निरंतर सुधार लाएंगे और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहेंगे। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी श्री हिमांशु गुप्ता, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी श्री विकास श्रीवास्तव, खंड शिक्षा अधिकारी श्री अशोक पाठक एवं अन्य संबंधित अधिकारी व कर्मचारीगण भी उपस्थित रहे।
