शिक्षा मंत्री से मिले दद्दन मिश्र, बलरामपुर-श्रावस्ती में विशेष विद्यालयों की मांग
पूर्व सांसद दद्दन मिश्र ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रहलाद जोशी से मिलकर बलरामपुर और श्रावस्ती में विशेष विद्यालयों की स्थापना का आग्रह किया।

द क्लिफ न्यूज़ | नई दिल्ली | 31 जुलाई 2026
श्रावस्ती लोकसभा क्षेत्र के पूर्व सांसद दद्दन मिश्र ने नई दिल्ली में केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रहलाद जोशी से मुलाकात कर बलरामपुर और श्रावस्ती जिलों में विशेष विद्यालयों की स्थापना की मांग उठाई है। यह भेंट शुक्रवार को हुई, जिसमें शिक्षा क्षेत्र से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई।
पूर्व सांसद दद्दन मिश्र ने हाल ही में परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए पेपर लीक पर बनाए गए सख्त कानून और केंद्र सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की सराहना की। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के रूप में प्रहलाद जोशी के कार्यभार संभालने पर उन्हें शुभकामनाएं भी दीं और विश्वास व्यक्त किया कि उनके नेतृत्व में देश की शिक्षा व्यवस्था में गुणवत्ता और पारदर्शिता को नई ऊंचाइयां मिलेंगी।
आकांक्षी जिलों की शैक्षिक आवश्यकताओं पर जोर
भेंट के दौरान, पूर्व सांसद ने आकांक्षी जनपदों के रूप में पहचाने जाने वाले बलरामपुर और श्रावस्ती की विशिष्ट शैक्षिक आवश्यकताओं पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि ये जिले शिक्षा के मामले में अभी भी विशेष ध्यान के हकदार हैं। इन जिलों के विद्यार्थियों को उच्च गुणवत्ता वाले शैक्षिक अवसर प्रदान करने हेतु, केंद्र सरकार द्वारा विशेष प्रकार के विद्यालयों की स्थापना की जानी चाहिए। इसका उद्देश्य यह है कि ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि के बच्चों को भी बेहतर शिक्षा का लाभ मिल सके।
दद्दन मिश्र ने शिक्षा मंत्री से अनुरोध किया कि दोनों जनपदों में आधुनिक सुविधाओं से लैस शिक्षण संस्थानों की स्थापना, तकनीकी और कौशल-आधारित शिक्षा को प्रोत्साहित करने, तथा छात्रों के लिए बेहतर शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार सकारात्मक पहल करे।
शिक्षा मंत्री का आश्वासन
केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रहलाद जोशी ने पूर्व सांसद दद्दन मिश्र द्वारा उठाए गए बिंदुओं को गंभीरता से सुना। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में सरकार की प्राथमिकताओं को रेखांकित करते हुए आश्वस्त किया कि आकांक्षी जिलों में शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए प्राप्त सुझावों पर विचार किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य देश के सभी नागरिकों को, विशेषकर वंचित वर्गों को, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है।
