शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर अड़े अभिजीत दीपके, बोले- नहीं तो पीएम से करेंगे इस्तीफे की मांग
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को तेज करते हुए कहा कि यदि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द इस्तीफा स्वीकार नहीं करते, तो आंदोलन सीधे पीएम के इस्तीफे की मांग पर केंद्रित होगा।

द क्लिफ न्यूज़ | नई दिल्ली | 25 जुलाई 2026
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने केंद्र सरकार पर दबाव बढ़ाते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को और तीव्र कर दिया है। दीपके ने चेतावनी दी है कि यदि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शीघ्र ही शिक्षा मंत्री का इस्तीफा स्वीकार नहीं करते, तो आंदोलन का अगला चरण सीधे प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग पर केंद्रित होगा। यह बयान ऐसे समय आया है जब देश भर में परीक्षा प्रणाली, पेपर लीक और भर्ती प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी है।
जंतर-मंतर पर एक प्रदर्शन के दौरान अभिजीत दीपके ने कहा कि देश के लाखों छात्रों और युवाओं के भविष्य से जुड़ा यह मामला अत्यंत गंभीर है। उनके अनुसार, यदि परीक्षा व्यवस्था में बार-बार गड़बड़ियां सामने आती हैं और सरकार प्रभावी कार्रवाई करने में विफल रहती है, तो संबंधित मंत्री को पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं रह जाता। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय पर शिक्षा व्यवस्था में उत्पन्न संकट के लिए जवाबदेही तय करने की मांग की।
आंदोलन का दायरा बढ़ाने की चेतावनी
दीपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह करते हुए कहा कि वे अविलंब निर्णय लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि ऐसा नहीं किया गया, तो आंदोलन का दायरा बढ़ाया जाएगा और प्रदर्शनकारी सीधे प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर एक देशव्यापी अभियान शुरू करेंगे।
दीपके ने इस आंदोलन के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह केवल किसी एक व्यक्ति का विरोध करने तक सीमित नहीं है, बल्कि परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी, निष्पक्ष और भरोसेमंद बनाने पर केंद्रित है। उनका दावा है कि लगातार सामने आ रहे कथित पेपर लीक और परीक्षा संबंधी विवादों ने लाखों विद्यार्थियों के विश्वास को गहरी ठेस पहुंचाई है। इसलिए, सरकार को इस दिशा में ठोस और समयबद्ध कदम उठाने की तत्काल आवश्यकता है।
शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अपील
अभिजीत दीपके ने आंदोलन में शामिल छात्रों और समर्थकों से अपनी आवाज शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से उठाने की अपील की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि किसी भी प्रकार की हिंसा या कानून-व्यवस्था को बाधित करने वाली गतिविधि आंदोलन के मूल उद्देश्य को कमजोर करती है। उन्होंने अपने समर्थकों से आग्रह किया कि वे संवैधानिक दायरे में रहकर ही अपनी मांगों को आगे बढ़ाएं।
इस बीच, केंद्र सरकार ने पहले भी परीक्षा प्रणाली में सुधार और पेपर लीक के मामलों में कठोर कार्रवाई करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। सरकार का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है और भर्ती एवं प्रवेश परीक्षाओं को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए कई सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं।
फिलहाल, अभिजीत दीपके का यह बयान राजनीतिक गलियारों और छात्र संगठनों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान या प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से इस विशेष चेतावनी पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी तक सामने नहीं आई है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि आने वाले दिनों में छात्र आंदोलन किस दिशा में आगे बढ़ता है और सरकार इस संवेदनशील मुद्दे पर क्या रुख अपनाती है।
