शहरी पेयजल और आवास पुनर्विकास पर संसदीय समिति की अहम बैठक
संसदीय स्थायी समिति ने अमृत मिशन के तहत शहरी पेयजल योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। साथ ही, सरकारी आवासों की संख्या बढ़ाने और पुनर्विकास पर भी चर्चा हुई।

द क्लिफ न्यूज़ | नई दिल्ली | 5 अगस्त 2026
संसद भवन एनेक्सी में आवास और शहरी मामलों की संसदीय स्थायी समिति की 23वीं बैठक संपन्न हुई, जिसमें 'अमृत' (AMRUT) मिशन के तहत शहरी पेयजल योजनाओं की प्रगति और क्रियान्वयन पर गहनता से विचार-विमर्श किया गया। इस महत्वपूर्ण बैठक में मध्य प्रदेश से राज्यसभा सांसद और समिति सदस्य श्रीमती माया नारोलिया ने भी भाग लिया। बैठक की अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष श्री Magunta Sreenivasulu Reddy ने की।
बैठक का एक प्रमुख एजेंडा आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय की वर्ष 2026-27 की अनुदान मांगों पर सरकार द्वारा की गई कार्रवाई संबंधी ड्राफ्ट रिपोर्ट की समीक्षा करना था। समिति ने इस ड्राफ्ट रिपोर्ट पर विस्तृत चर्चा के उपरांत इसे सर्वसम्मति से अपनाया, जो सरकारी वित्तीय योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
'अमृत' मिशन और पेयजल योजनाओं की समीक्षा
समिति ने 'अमृत' मिशन के अंतर्गत देश भर में चल रही शहरी पेयजल योजनाओं की वर्तमान स्थिति और उनके क्रियान्वयन की गति का जायजा लिया। इस मिशन का उद्देश्य शहरों में पानी की आपूर्ति को सुदृढ़ करना और सभी शहरी परिवारों तक सुरक्षित पेयजल पहुंचाना है। बैठक में योजनाओं की प्रगति में आ रही बाधाओं और उनके समाधान पर भी सुझाव दिए गए, ताकि निर्धारित समय-सीमा के भीतर लक्ष्य हासिल किए जा सकें।
सरकारी आवासों का पुनर्विकास और विस्तार
बैठक में सरकारी आवासीय कॉलोनियों के पुनर्विकास तथा सरकारी आवासों की संख्या बढ़ाने के उपायों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय के संबंधित विभाग के अधिकारियों ने समिति के समक्ष एक विस्तृत प्रस्तुति दी, जिसमें मौजूदा सरकारी आवासों की स्थिति, उनके जीर्णोद्धार की आवश्यकता और नई आवासीय इकाइयों के निर्माण की योजनाओं का उल्लेख किया गया। समिति के सदस्यों ने इन विषयों पर अपने महत्वपूर्ण सुझाव और विचार रखे, जिनका उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों के लिए बेहतर आवास सुविधाओं का सृजन करना है।
यह बैठक शहरी विकास से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकारी नीति-निर्धारण और उनके प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने में संसदीय समितियों की भूमिका को रेखांकित करती है। 'अमृत' मिशन और सरकारी आवासों के पुनर्विकास जैसे विषयों पर हुई चर्चा से भविष्य में शहरी अवसंरचना के विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
