शहपुरा छात्रावास में 114 विद्यार्थियों की स्वास्थ्य जांच, रिकॉर्ड संकलित
डिंडोरी जिले के शहपुरा स्थित वीर नारायण जनजाति छात्रावास में विशेष स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें 114 विद्यार्थियों की गहन जांच की गई।

द क्लिफ न्यूज़ डेस्क | संवाददाता: डॉ. भूपेंद्र कुमार सुल्लेरे
द क्लिफ न्यूज़ | 11 अक्टूबर 2026
डिंडोरी जिले के शहपुरा में संचालित वीर नारायण जनजाति छात्रावास में विद्यार्थियों के स्वास्थ्य और शारीरिक विकास को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक व्यापक स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। इस पहल के तहत, छात्रावास में निवासरत कुल 114 विद्यार्थियों की स्वास्थ्य संबंधी विस्तृत जांच की गई। जनजाति कल्याण केंद्र महाकोशल द्वारा आयोजित इस शिविर का प्राथमिक लक्ष्य जनजाति छात्रों की शारीरिक स्थिति का नियमित मूल्यांकन करना है, ताकि आवश्यकतानुसार समय पर चिकित्सा सहायता प्रदान की जा सके।
स्वास्थ्य परीक्षण और डेटा संकलन
आयोजित स्वास्थ्य शिविर के दौरान, 112 विद्यार्थियों के ब्लड ग्रुप, हीमोग्लोबिन के स्तर, लंबाई और वजन का बारीकी से परीक्षण किया गया। इन सभी महत्वपूर्ण मापदंडों को स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा व्यवस्थित रूप से दर्ज किया गया, जिससे विद्यार्थियों का एक विस्तृत मेडिकल रिकॉर्ड तैयार हो सका। यह संकलित डेटा भविष्य में प्रत्येक छात्र की व्यक्तिगत स्वास्थ्य आवश्यकताओं की निगरानी और पूर्ति के लिए एक महत्वपूर्ण संसाधन के रूप में कार्य करेगा। इस दौरान जनजाति कल्याण केंद्र महाकोशल के अध्यक्ष एम.एल. साहू भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
स्वास्थ्य विभाग की सक्रिय भागीदारी
इस स्वास्थ्य जांच अभियान में शहपुरा स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अत्यंत सक्रिय भूमिका निभाई। बीएमओ डॉ. रत्नेश द्विवेदी के कुशल नेतृत्व में, डॉ. अमित जैन, डॉ. अंकित पटेल, डॉ. श्वेता जैन, डॉ. प्रभात अवधिया और डॉ. राजीव साहू जैसे चिकित्सकों ने अपनी सेवाएं दीं। इनके साथ ही सीएचओ पूनम अदलाक, अंकिता नागपुरे, लैब टेक्नीशियन लोकेश मरकाम, मास्टर ट्रेनर दुर्गेश तेकाम, दीपक साहू और एएनएम मंजूलता साहू ने भी इस प्रक्रिया में योगदान दिया। स्वास्थ्यकर्मियों की पूरी टीम ने प्रत्येक विद्यार्थी के स्वास्थ्य का पूरी तत्परता और निष्ठा से परीक्षण किया।
संस्था की प्रतिबद्धता और भविष्य की योजनाएं
शिविर की सफलता पर संस्था के सचिव डॉ. सुनीलकांत बाजपेयी ने प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने इस महत्वपूर्ण आयोजन में सहयोग के लिए स्वास्थ्य विभाग के सभी अधिकारियों, चिकित्सकों और कर्मचारियों का हार्दिक आभार जताया। डॉ. बाजपेयी ने इस बात पर जोर दिया कि जनजाति विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा के साथ-साथ एक स्वस्थ शरीर का होना भी अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि नियमित स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से संस्था विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है। यह पहल न केवल छात्रों की वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति को सुधारने में मदद करती है, बल्कि उन्हें एक स्वस्थ और अनुशासित जीवनशैली अपनाने के लिए भी प्रेरित करती है।
