सेवानिवृत्त की नियुक्ति पर JDA में कांग्रेस का सवाल, जांच की मांग
जबलपुर विकास प्राधिकरण में सेवानिवृत्त अधिकारियों की संविदा पर पुनर्नियुक्ति को लेकर नगर कांग्रेस ने अध्यक्ष को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच की मांग की है।
Jabalpur | संवाददाता: शरीफ़ ख़ान
द क्लिफ न्यूज़ | जबलपुर | 10 सितंबर 2026
जबलपुर विकास प्राधिकरण (JDA) में सेवानिवृत्त हुए अधिकारियों और कर्मचारियों को कार्यमुक्त करने के बजाय पुनः संविदा पर नियुक्त किए जाने के मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। इस प्रक्रिया की वैधता और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए नगर कांग्रेस जबलपुर के पदाधिकारियों ने प्राधिकरण अध्यक्ष को एक ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच की मांग की है।
नगर कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता रिज़वान अली कोटी के नेतृत्व में प्राधिकरण अध्यक्ष संदीप जैन को सौंपे गए ज्ञापन में मांग की गई है कि सेवानिवृत्ति के उपरांत की गई सभी नियुक्तियों की गहन जांच कराई जाए। कांग्रेस का तर्क है कि इन नियुक्तियों के लिए अपनाई गई प्रक्रिया और नियमों का स्पष्ट विवरण सार्वजनिक किया जाना चाहिए।
नियुक्ति प्रक्रिया और वित्तीय भार पर पारदर्शिता की मांग
रिज़वान अली कोटी ने इस मामले पर बोलते हुए कहा कि जबलपुर विकास प्राधिकरण को यह स्पष्ट करना होगा कि इन सेवानिवृत्त अधिकारियों की संविदा नियुक्तियों पर अब तक कितना वेतन और मानदेय खर्च किया जा चुका है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह मामला केवल किसी व्यक्ति विशेष के विरोध का नहीं, बल्कि संस्थागत जवाबदेही और पारदर्शिता का है। उनका कहना है कि प्राधिकरण के कामकाज में पूर्ण पारदर्शिता होनी चाहिए ताकि किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता के संदेह को बल न मिले।
युवाओं के अवसरों पर चिंता और नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की मांग
कांग्रेस ने इस बात पर भी गहरी चिंता व्यक्त की है कि सेवानिवृत्त हो चुके लोगों को बार-बार अवसर देने से योग्य और शिक्षित बेरोजगार युवाओं के लिए रिक्तियां कम हो रही हैं। पार्टी का मानना है कि स्थानीय युवाओं को उनकी योग्यता के आधार पर प्राधिकरण में सेवा देने का उचित अवसर मिलना चाहिए। ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि यदि किसी भी स्तर पर निर्धारित सरकारी नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
ज्ञापन सौंपने के दौरान बादल पंजवानी, कपिल भोजक, ज़फर खान, एजाज अंसारी, सिकंदर खान और शफ़ी खान सहित कांग्रेस के अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित रहे। प्राधिकरण अध्यक्ष से इस मामले में तत्काल संज्ञान लेने और जांच प्रक्रिया शुरू करने की अपेक्षा की गई है। अब देखना यह है कि प्राधिकरण प्रशासन इस ज्ञापन पर क्या रुख अपनाता है और क्या इन नियुक्तियों की कोई विस्तृत समीक्षा की जाती है।
