सेवा संकल्प अभियान: बरेली में मंत्री धर्मपाल सिंह ने अंतिम तैयारियों को दी हरी झंडी
बरेली में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक चलने वाले सेवा संकल्प अभियान की तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया। पशुधन मंत्री ने खाद...

द क्लिफ न्यूज़ डेस्क | संवाददाता: विनय राजपूत
द क्लिफ न्यूज़ | बरेली | 18 सितंबर 2026
बरेली के सर्किट हाउस में बुधवार को पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक प्रस्तावित 'सेवा संकल्प अभियान' की तैयारियों को अंतिम रूप देना था। बैठक में जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे, जिन्होंने अभियान के विभिन्न पहलुओं पर गहनता से विचार-विमर्श किया।
मंत्री धर्मपाल सिंह ने अभियान के दौरान विशेष रूप से डीएपी खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने और लम्पी स्किन रोग के प्रभाव की समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि बारिश से क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की तत्काल मरम्मत की जाए, ताकि आम जनता को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
विकसित भारत संकल्प से जन-जन को जोड़ना उद्देश्य
सेवा संकल्प अभियान का प्रमुख लक्ष्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पच्चीस वर्षों के सार्वजनिक सेवा काल की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाना है। इस अभियान के माध्यम से नागरिकों को 'विकसित भारत-2047' के राष्ट्रीय संकल्प से जोड़ने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। यह अभियान समाज के विभिन्न वर्गों को सीधे सरकारी पहलों से जोड़कर जमीनी स्तर पर विकास सुनिश्चित करने का प्रयास करेगा।
अभियान के तहत होंगे विविध आयोजन
अभियान के दौरान कई महत्वपूर्ण आयोजन किए जाएंगे, जिनमें रक्तदान शिविर, टूलकिट वितरण, आंगनबाड़ी एवं आशा कार्यकर्ताओं का सम्मान, स्वस्थ बेबी प्रतियोगिता और स्वास्थ्य शिविर प्रमुख हैं। इसके अतिरिक्त, 'सेवा ज्योति कलश यात्रा', 'सेवा सेतु' और 'सुशासन सेवा संवाद' जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से सरकारी सेवाओं की पहुंच को और अधिक सुगम बनाने का प्रयास किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने बैठक में बताया कि कार्यक्रमों की निर्बाध सफलता सुनिश्चित करने के लिए सभी संबंधित अधिकारियों के दायित्व स्पष्ट रूप से निर्धारित कर दिए गए हैं। बैठक में नवाबगंज विधायक डॉ. एमपी आर्य और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य सहित अन्य जनप्रतिनिधि भी उपस्थित थे। सभी ने शासन की प्राथमिकताओं को धरातल पर उतारने के लिए आपसी समन्वय के महत्व पर बल दिया।
