सावन के दूसरे सोमवार पर गूंजे हर-हर महादेव, कांवड़ियों ने किए शिवधामों के दर्शन
फर्रुखाबाद में सावन के दूसरे सोमवार पर शिवभक्ति की अनूठी छटा देखने को मिली। भक्तों ने जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि की कामना की, जबकि कांवड़ियों के जत्थे शिवधामों की ओर रवाना हुए।

द क्लिफ न्यूज़ | फर्रुखाबाद | 10 अगस्त 2026
सावन के दूसरे सोमवार को फर्रुखाबाद जनपद में शिवभक्ति की अलख जगी। सुबह से ही प्रमुख शिव मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जिन्होंने विधि-विधान से भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया। जलाभिषेक के साथ ही श्रद्धालुओं ने भांग, धतूरा और बेलपत्र अर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना की। पूरे दिन मंदिर परिसर हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों से गुंजायमान रहे।
पांचाल घाट पर देर रात से ही कांवड़ियों का आगमन शुरू हो गया था। गंगा स्नान के उपरांत पवित्र जल भरकर कांवड़ियों का रेला गोला गोकर्णनाथ, पुठरी महादेव, चौमुखी महादेव शमसाबाद, रामेश्वर महादेव और कंपिल सहित विभिन्न शिवधामों की ओर प्रस्थान कर गया। इन कांवड़ियों के जत्थों में महिलाएं और बच्चे भी उत्साहपूर्वक शामिल थे। डीजे की धुन पर थिरकते हुए कांवड़ियों के जयकारे वातावरण को और भी भक्तिमय बना रहे थे।
शिव मंदिरों में उमड़ा आस्था का सैलाब
फर्रुखाबाद शहर में रेलवे रोड स्थित स्टेट पांडेश्वर नाथ मंदिर, घुमना स्थित कोतवालेवर महादेव, पुराना कोठा पर्चा स्थित द्वादश ज्योतिर्लिंग मंदिर, अंगूरीबाग महाकाल मंदिर, गंगा दरवाजा स्थित पत्थर वाली मठिया और नवलपुर स्थित मोटे महादेव मंदिर जैसे प्रमुख शिवालयों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं।
वहीं, फतेहगढ़ में सेंट्रल जेल के निकट बिजाधरपुर स्थित शिव शक्ति महाकाल मंदिर, आवास विकास स्थित भूतेश्वर महादेव मंदिर सहित अन्य शिवालयों में भी भक्तों ने भगवान शिव की आराधना की और आशीर्वाद प्राप्त किया। कई स्थानों पर श्रद्धालुओं ने भगवान शिव को भोग लगाकर भंडारे का आयोजन किया, जहां भक्तों को प्रसाद वितरित किया गया। इससे समूचे क्षेत्र में दिनभर धार्मिक और भक्तिमय माहौल बना रहा।
पांचाल घाट पर पुलिस रही मुस्तैद
कांवड़ियों और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पांचाल घाट पर पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष इंतजाम किए थे। पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई और गंगा स्नान के लिए पहुंचे कांवड़ियों की सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरती गई।
पांचाल घाट के आसपास दुर्वासा ऋषि आश्रम, ओटला महादेव और नन्हे पंडित घाट जैसे स्थानों से कांवड़ियों ने गंगाजल भरा और विभिन्न शिवधामों की ओर रवाना हुए। जिला प्रशासन और पुलिस की ओर से कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था पर पैनी नजर रखी गई, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
