सौम्या राठौर का सुप्रीम कोर्ट दिल्ली में रिसर्च एसोसिएट के पद पर चयन
सौम्या राठौर का सुप्रीम कोर्ट में लीगल असिस्टेंट कम रिसर्च एसोसिएट के पद पर चयन हुआ है। उन्होंने MHCET में 23वां और छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में प्रथम स्थान प्राप्त किया था।

द क्लिफ न्यूज़ | 20 अगस्त 2026
सौम्या राठौर, जो धनंजय राठौर (संयुक्त संचालक जनसंपर्क संचालनालय, रायपुर) और श्रीमती रोशनी राठौर (कम्पीयर आकाशवाणी, रायपुर) की सुपुत्री हैं, का चयन भारत के सर्वोच्च न्यायालय, दिल्ली में लीगल असिस्टेंट कम रिसर्च एसोसिएट के प्रतिष्ठित पद पर हुआ है। उनका कार्यकाल माननीय जस्टिस श्री चन्द्रशेखर के न्यायालय में रहेगा। यह नियुक्ति सौम्या के कानूनी क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन और गहन अध्ययन का प्रमाण है, जो भविष्य में उन्हें एक सफल कानूनी पेशेवर के रूप में स्थापित करेगी।
सौम्या राठौर की शैक्षणिक उपलब्धियां उल्लेखनीय हैं। उन्होंने MHCET (महाराष्ट्र कॉमन एंट्रेंस टेस्ट) परीक्षा में अखिल भारतीय स्तर पर 23वां स्थान प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। यह एक अत्यंत प्रतिस्पर्धी परीक्षा होती है, जिसमें देश भर के लाखों छात्र भाग लेते हैं। इस सफलता के उपरांत, उन्होंने एशिया के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित लॉ कॉलेजों में से एक, गवर्नमेंट लॉ कॉलेज, मुंबई से लीगल साइंस और एल.एल.बी. की शिक्षा पूर्ण की। यह कॉलेज कानूनी शिक्षा के क्षेत्र में अपनी उत्कृष्टता के लिए जाना जाता है और यहाँ से डिग्री प्राप्त करना एक बड़ी उपलब्धि मानी जाती है।
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में पूर्व अनुभव
अपनी उच्च शिक्षा पूरी करने के बाद, सौम्या राठौर ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में लीगल असिस्टेंट की परीक्षा में प्रथम स्थान हासिल कर अपनी मेधा और कार्य कुशलता का एक बार फिर परिचय दिया। यह उपलब्धि उनकी गहन कानूनी समझ और व्यावहारिक ज्ञान को दर्शाती है। मार्च 2026 में नियुक्ति के पश्चात्, उन्होंने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के माननीय न्यायाधीश श्री एन. के. चंद्रवंशी के कोर्ट में लीगल असिस्टेंट के तौर पर महत्वपूर्ण अनुभव प्राप्त किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न कानूनी मामलों में न्यायाधीश की सहायता की और अनुसंधान कार्य में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया, जिससे उनके अनुभव में और वृद्धि हुई।
सुप्रीम कोर्ट जैसे सर्वोच्च विधिक संस्थान में लीगल असिस्टेंट कम रिसर्च एसोसिएट के पद पर उनका चयन, उनकी शैक्षणिक योग्यता, परीक्षा में प्राप्त अंक और छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में उनके द्वारा अर्जित व्यावहारिक अनुभव का संयुक्त परिणाम है। यह पद उन्हें भारतीय न्यायपालिका के उच्चतम स्तर पर काम करने का अवसर प्रदान करेगा, जहाँ वे जटिल कानूनी मुद्दों पर अनुसंधान करेंगी और न्याय प्रक्रिया में प्रत्यक्ष रूप से योगदान देंगी।
सौम्या राठौर की छोटी बहन, शौर्या राठौर, वर्तमान में गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, जगदलपुर से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही हैं। यह परिवार शैक्षणिक उत्कृष्टता का एक ज्वलंत उदाहरण प्रस्तुत करता है, जहाँ दोनों बेटियाँ अपने-अपने चुने हुए क्षेत्रों में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रही हैं। दोनों बहनें प्रारंभ से ही मेधावी छात्रा रही हैं और उन्होंने अपने शैक्षणिक जीवन में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। यह दर्शाता है कि राठौर परिवार शिक्षा को कितना महत्व देता है और अपने बच्चों को उत्कृष्ट भविष्य के लिए प्रोत्साहित करता है।
धनंजय राठौर, जो वर्तमान में रायपुर में निवासरत हैं, मूलतः जांजगीर के निवासी हैं। उनके परिवार की यह सफलता न केवल उनके व्यक्तिगत प्रयासों का परिणाम है, बल्कि उनके पारिवारिक समर्थन और प्रोत्साहन का भी परिचायक है। सौम्या राठौर का सुप्रीम कोर्ट में चयन छत्तीसगढ़ राज्य के लिए भी गर्व का क्षण है, जो यह दर्शाता है कि राज्य के युवा भी राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं। यह युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा और उन्हें अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए प्रेरित करेगा।
