सतना-चित्रकूट में बाढ़: 350 से अधिक लोगों का रेस्क्यू, सेना हेलिकॉप्टर से बचाव
मध्य प्रदेश के सतना जिले में भारी बारिश से बाढ़ जैसे हालात हैं। 350 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला गया है। चित्रकूट में सेना के हेलिकॉप्टर से बचाव कार्य जारी है।

द क्लिफ न्यूज़ | सतना | 30 अगस्त 2026
मध्य प्रदेश के सतना जिले में मूसलाधार बारिश के कारण बाढ़ की गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई है। नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। प्रशासन और एसडीआरएफ की टीमें मिलकर राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। अब तक 350 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है।
विशेष रूप से सतना के चित्रकूट क्षेत्र में मंदाकिनी नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है। नदी के उफान के कारण निचले इलाकों में पानी भर गया है, जिससे कई लोग फंस गए हैं। इन फंसे हुए लोगों को निकालने के लिए भारतीय सेना के हेलिकॉप्टर की मदद ली जा रही है। सेना के हेलिकॉप्टर ने एक बचाव अभियान में चित्रकूट में फंसे दो लोगों को एयरलिफ्ट कर सुरक्षित निकाला है। प्रशासन ने प्रभावित लोगों से अस्थायी राहत शिविरों में शरण लेने की अपील की है।
रेल यातायात प्रभावित, ट्रेनों की गति धीमी
लगातार हो रही बारिश का असर रेल यातायात पर भी पड़ा है। सतना-मानिकपुर रेलवे ट्रैक के जलमग्न होने के कारण ट्रेनों की गति कम कर दी गई है। रेलवे ने सुरक्षा के मद्देनजर इंजीनियरिंग और सिग्नल टीमों को भी मौके पर तैनात किया है। सूत्रों के अनुसार, इस बाढ़ से लगभग 44 ट्रेनें प्रभावित हुई हैं, जिससे यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
चित्रकूट में मंदाकिनी का तांडव, राहत सामग्री का वितरण
चित्रकूट में मंदाकिनी नदी के बढ़ते जलस्तर ने हालात को और भयावह बना दिया है। रामघाट सहित कई निचले इलाकों में बाढ़ का पानी घुस जाने से सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। स्थानीय प्रशासन द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री और भोजन के पैकेट वितरित किए जा रहे हैं, ताकि लोगों को बुनियादी सुविधाएं मिलती रहें।
मुख्यमंत्री ने की स्थिति की समीक्षा, दिए निर्देश
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रीवा पहुंचकर सतना-रीवा क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने प्रभावित लोगों तक भोजन, कपड़े और स्वच्छ पेयजल की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद प्रशासन ने फंसे हुए लोगों को निकालने और राहत कार्यों में तेजी लाने पर अपना पूरा जोर लगा दिया है।
हालांकि, राहत की बात यह है कि चित्रकूट क्षेत्र में मंदाकिनी नदी का जलस्तर कुछ कम होने के संकेत मिले हैं। इसके बावजूद, कई इलाकों में अभी भी जलभराव की स्थिति बनी हुई है और बाढ़ का खतरा टला नहीं है। प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है।
