सरकारी अस्पतालों में ही कराएं इलाज: सीएमओ डॉ. उपाध्याय की अपील, निजी संस्थानों पर कसेगी नकेल
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद उपाध्याय ने लोगों से स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने और सिर्फ सरकारी अस्पतालों में ही इलाज कराने की अपील की...

द क्लिफ न्यूज़ | 25 जुलाई 2026
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. आनंद उपाध्याय ने जनपदवासियों से स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और किसी भी बीमारी या आपात स्थिति में केवल सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में ही उपचार कराने की पुरजोर अपील की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी संस्थानों में प्रशिक्षित विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा मानकों के अनुरूप चिकित्सा सेवाएं, आवश्यक उपकरण और दवाएं उपलब्ध हैं, और मरीजों के हितों की सुरक्षा विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
डॉ. उपाध्याय ने इस बात पर चिंता व्यक्त की कि कई लोग चिकित्सक की शैक्षिक योग्यता, पंजीकरण और अस्पताल की प्रामाणिकता की जांच किए बिना ही निजी संस्थानों में इलाज कराना शुरू कर देते हैं। उन्होंने आगाह किया कि कई निजी चिकित्सालय पर्याप्त संसाधनों के अभाव के बावजूद मरीजों से अत्यधिक शुल्क वसूलते हैं। इसलिए, मरीजों और उनके परिजनों को इलाज का निर्णय लेने से पहले सभी आवश्यक जानकारी प्राप्त करनी चाहिए।
सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता
सीएमओ ने बताया कि जनपद के सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सकों और अनुभवी सर्जनों की उपलब्धता सुनिश्चित है। यहां आपातकालीन उपचार, शल्य चिकित्सा (ऑपरेशन), रक्त की उपलब्धता, आवश्यक जांचें, दवाएं और रेफरल जैसी सभी महत्वपूर्ण सुविधाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने जोर दिया कि गंभीर से गंभीर मरीजों के उपचार के लिए सरकारी स्वास्थ्य संस्थान पूरी तरह से सक्षम हैं।
निजी अस्पतालों पर होगी कड़ी कार्रवाई
स्वास्थ्य विभाग जल्द ही मानकों के विपरीत और नियमों का उल्लंघन करने वाले चिकित्सालयों के विरुद्ध एक सघन जांच अभियान शुरू करेगा। विशेष रूप से मसेनी रोड पर स्थित अस्पतालों की गहन पड़ताल की जाएगी। डॉ. उपाध्याय ने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित अस्पतालों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि वे अपने जीवन और परिवार की सुरक्षा को सर्वोपरि मानें। किसी भी बीमारी या आपातकाल की स्थिति में निकटतम सरकारी चिकित्सालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र या आयुष्मान आरोग्य मंदिर में ही इलाज कराएं। साथ ही, दूसरों को भी सुरक्षित और प्रमाणित चिकित्सा संस्थानों में ही उपचार कराने के लिए जागरूक करने की अपील की गई है।
