सफाई कर्मचारियों की नियमितिकरण, वेतन भुगतान सहित 4 मांगों पर सीएमओ को ज्ञापन
गुना में महा वाल्मीकि पंचायत ने सफाई कर्मचारियों की नियमितिकरण, समय पर वेतन, नई भर्तियां और आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति की मांगों को लेकर मुख्य नगर पालिका अधिकारी को ज्ञापन सौंपा।

द क्लिफ न्यूज़ | गुना | 13 अगस्त 2026
गुना में नगर पालिका के सफाई कर्मचारियों ने अपनी चार प्रमुख मांगों को लेकर मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) शैलेंद्र अवस्थी को एक ज्ञापन सौंपा है। मध्य प्रदेश महा वाल्मीकि पंचायत के जिलाध्यक्ष करण मालवीय के नेतृत्व में सफाई कर्मचारियों ने हस्ताक्षर अभियान चलाने के बाद अपनी मांगों को सीएमओ के समक्ष रखा। इस दौरान कर्मचारियों ने नियमितिकरण, समय पर वेतन भुगतान, नई भर्तियां और दिवंगत कर्मचारियों के आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति जैसे मुद्दों को उठाया।
ज्ञापन में यह मांग की गई है कि नगर पालिका में पिछले एक दशक से भी अधिक समय से नाममात्र के वेतन पर काम कर रहे कच्चे सफाई कर्मचारियों को तत्काल नियमित किया जाए। संगठन का मानना है कि इससे कर्मचारी अपने परिवारों का भरण-पोषण सम्मानपूर्वक कर सकेंगे। इसके अतिरिक्त, कर्मचारियों ने यह भी आग्रह किया है कि हर माह की 2 या 3 तारीख तक उनका वेतन नियमित रूप से भुगतान किया जाए, ताकि वे अपनी वित्तीय जिम्मेदारियों, जैसे स्कूल फीस और ऋण की किस्तों का समय पर भुगतान कर सकें।
सेवा शर्तों में सुधार की मांग
सफाई कर्मचारियों की अन्य महत्वपूर्ण मांगों में शहर की बढ़ती आबादी को देखते हुए नए सफाई कर्मचारियों की भर्ती करना शामिल है। संगठन का तर्क है कि वर्तमान कर्मचारियों की संख्या शहर की सफाई व्यवस्था के लिए अपर्याप्त हो सकती है। चौथी मांग में, यह आग्रह किया गया है कि जो दैनिक वेतनभोगी और विनियमित कर्मचारी दिवंगत हो चुके हैं, उनके आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति प्रदान की जाए।
मुख्यमंत्री शैलेंद्र अवस्थी ने सफाई कर्मचारियों द्वारा उठाई गई मांगों को ध्यानपूर्वक सुना और उन्हें आश्वस्त किया कि शासन के नियमानुसार इन मुद्दों पर उच्च स्तर पर विचार-विमर्श किया जाएगा और उचित कार्यवाही की जाएगी। इस ज्ञापन सौंपने के अवसर पर प्रदेश मंत्री जगराम धूरियां, संभाग उपाध्यक्ष अशोक चीटालिया, जिला कार्यवाहक अध्यक्ष अर्जुन धुरिया सहित बड़ी संख्या में वाल्मीकि समाज के लोग और कर्मचारी मौजूद रहे।
गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में संविदा कर्मचारियों के नियमितिकरण की मांगें लंबे समय से चली आ रही हैं। जुलाई 2023 में, राज्य सरकार ने संविदा कर्मचारियों को नियमित कर्मचारियों के समान लाभ देने की घोषणा की थी, जिसमें पेंशन, स्वास्थ्य बीमा और ग्रेच्युटी जैसे लाभ शामिल थे। इसके अलावा, मध्य प्रदेश में सफाई कर्मचारियों के वेतन और सेवा शर्तों को लेकर विभिन्न मुद्दे समय-समय पर सामने आते रहे हैं, और कुछ स्थानों पर कर्मचारियों ने लंबित वेतन के भुगतान के लिए हड़तालें भी की हैं। 2013 में, मध्य प्रदेश सरकार ने 'सफाई कर्मचारी आयोग' का गठन भी किया था, जिसका उद्देश्य सफाई मित्रों की समस्याओं का समाधान करना है, जो इन कर्मचारियों की समस्याओं के ऐतिहासिक महत्व को दर्शाता है।
