सफाई कर्मचारियों की 16 सूत्रीय मांगें, सरकार को हड़ताल की चेतावनी
गुना में सफाई कर्मचारियों ने नियमितीकरण, न्यूनतम वेतन और पुरानी पेंशन बहाली सहित 16 सूत्रीय मांगों को लेकर कलेक्टोरेट में ज्ञापन सौंपा। मांगों के पूरा...

गुना | संवाददाता: राजा हतम वेग
द क्लिफ न्यूज़ | गुना | 22 अक्टूबर 2026
अखिल भारतीय सफाई मजदूर कांग्रेस ट्रेड यूनियन ने अपनी लंबित 16 सूत्रीय मांगों को लेकर एक बार फिर आंदोलन का बिगुल बजा दिया है। संगठन के पदाधिकारियों और बड़ी संख्या में जुटे सफाई कर्मचारियों ने गुना कलेक्टोरेट पहुंचकर प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम जिला प्रशासन को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। कर्मचारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर समय रहते ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो प्रदेश भर में अनिश्चितकालीन कामबंद हड़ताल शुरू कर दी जाएगी। इस स्थिति में होने वाले किसी भी व्यवधान के लिए शासन और प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया जाएगा।
सफाई कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में नगरीय निकायों में कार्यरत दैनिक वेतनभोगी, मस्टर, आउटसोर्स और विनियमित कर्मचारियों का नियमितीकरण शामिल है। इसके साथ ही, वे न्यूनतम 25 हजार रुपये मासिक वेतन की मांग कर रहे हैं। ज्ञापन में नगरीय निकायों में व्याप्त ठेका प्रथा को पूर्ण रूप से समाप्त करने और रिक्त पदों पर सीधी भर्ती करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई है। कर्मचारियों ने वर्ष 2005 के बाद बंद हुई पुरानी पेंशन योजना को पुनः बहाल करने पर भी जोर दिया है।
अन्य महत्वपूर्ण माँगे
कर्मचारियों की अन्य मांगों में चतुर्थ श्रेणी के अशिक्षित सफाई कर्मचारियों को मोबाइल फेस अटेंडेंस प्रणाली से छूट प्रदान करना शामिल है। इसके अलावा, 50 वर्ष की आयु पूरी कर चुके कर्मचारियों को चिकित्सा आधार पर स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति देने और उनके आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति का लाभ देने का प्रस्ताव भी दिया गया है। निकायों में कार्यरत कर्मचारियों के जीपीएफ, पीएफ और एनपीएस अंशदान के रूप में काटी गई राशि को समय पर खातों में जमा कराने की मांग भी ज्ञापन का हिस्सा है।
रोस्टर प्रणाली और विकास निगम की मांग
कर्मचारियों ने रोस्टर प्रणाली को समाप्त करने और वेतन भुगतान के लिए चुंगी क्षतिपूर्ति राशि का समय पर आवंटन सुनिश्चित करने पर भी बल दिया है। ज्ञापन में बाबूलाल गौर सरकार के दौरान की गई एक घोषणा का हवाला देते हुए वर्तमान जनसंख्या के आधार पर एक लाख नए पदों पर सीधी भर्ती की मांग की गई है। साथ ही, राज्य सफाई कामगार आयोग को समाप्त कर इसके स्थान पर एक पृथक विकास निगम गठित करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई है।
