सफाई कर्मचारियों के कल्याण पर राष्ट्रीय आयोग की सदस्य ने दिए निर्देश
बरेली में राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग की सदस्य डॉ. सुषमा गोरियाल ने अधिकारियों के साथ बैठक कर सफाई कर्मचारियों के कल्याण और अधिकारों के संरक्षण...

बरेली उत्तर प्रदेश | संवाददाता: इज़हार आलम
द क्लिफ न्यूज़ | बरेली | 18 सितंबर 2026
राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग की सदस्य डॉ. सुषमा गोरियाल ने बरेली में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता करते हुए सफाई कर्मचारियों के कल्याण और उनके अधिकारों के प्रभावी संरक्षण के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों को संवेदनशीलता से कार्य करने के निर्देश दिए हैं। सर्किट हाउस में 18 सितंबर को हुई इस बैठक में मंडलायुक्त, जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सहित विभिन्न विभागों के उच्चाधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक का मुख्य एजेंडा सफाई कर्मचारियों के जीवन स्तर में सुधार लाना और सरकारी योजनाओं का उन तक सुचारू रूप से पहुंचना सुनिश्चित करना था। इस अवसर पर नगर निगम आयुक्त, जिला समाज कल्याण अधिकारी, मुख्य चिकित्साधिकारी और श्रम विभाग के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। चर्चा के दौरान, सफाई व्यवस्था से जुड़ी जमीनी चुनौतियों और विभागों के बीच समन्वय की कमी जैसे मुद्दों पर विस्तार से विमर्श किया गया।
विभागीय समन्वय और जमीनी समस्याओं पर जोर
डॉ. सुषमा गोरियाल ने इस बात पर विशेष बल दिया कि स्वच्छता व्यवस्था के आधार स्तंभ माने जाने वाले सफाई कर्मचारियों के हितों के प्रति प्रशासन को अत्यंत संवेदनशील रहने की आवश्यकता है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि वे कल्याणकारी योजनाओं को अंतिम छोर तक पहुँचाने के लिए एकजुट होकर कार्य करें। बैठक में यह भी तय किया गया कि सफाई कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों, ठेकेदारों और मीडियाकर्मियों की भागीदारी के माध्यम से समस्याओं का पारदर्शी समाधान निकाला जाए।
अनुपस्थित अधिकारियों से जवाब तलब
आयोग की सदस्य ने कार्य परिस्थितियों में सुधार और सुरक्षा मानकों के सख्त अनुपालन को प्राथमिकता देने की बात कही। इस सत्र के दौरान, बैठक में अनुपस्थित रहने वाले अधिकारियों के प्रति कड़ा रुख अपनाते हुए, उनसे स्पष्टीकरण मांगने के निर्देश जारी किए गए। प्रशासन को भविष्य में सफाई कर्मचारियों से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई करने और उनकी शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के लिए पाबंद किया गया है। यह संवाद सफाई कर्मचारियों के लिए सरकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
