सपा प्रदेश सचिव मनोज मिश्रा की मां का निधन, अंतिम संस्कार में नेताओं का जमावड़ा
फर्रुखाबाद में समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव मनोज मिश्रा की मां मुन्नी देवी का निधन हो गया। सोमवार को बेला सराय गजा घाट पर अंतिम संस्कार में विभिन्न दलों के नेताओं ने पहुंचकर शोक जताया।

द क्लिफ न्यूज़ | फर्रुखाबाद | 31 अगस्त 2026
समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव और प्रतिनिधि जिला पंचायत सदस्य मनोज मिश्रा की मां मुन्नी देवी का रविवार देर रात आकस्मिक निधन हो गया। तीन दिनों से बीमार चल रहीं 70 वर्षीय मुन्नी देवी का शहर के एक निजी अस्पताल में वेंटिलेटर पर उपचार चल रहा था। रविवार रात करीब 11 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से परिवार में शोक की लहर दौड़ गई, जिसने शमशाबाद क्षेत्र को भी प्रभावित किया।
दिवंगत मुन्नी देवी के पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए पैतृक गांव बेला सराय गजा ले जाया गया। सोमवार को सुबह से ही बड़ी संख्या में क्षेत्र के साथ-साथ जिले भर के लोग उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए गांव पहुंचने लगे। विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रमुख नेताओं, जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं ने शोक संतप्त परिवार से मिलकर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं, जो इस दुख की घड़ी में परिवार के साथ खड़े हुए।
अंतिम संस्कार में राजनीतिक हस्तियों की उपस्थिति
मुन्नी देवी का अंतिम संस्कार सोमवार को बेला सराय गजा घाट पर पूरे विधि-विधान और राजकीय सम्मान के साथ किया गया। इस गरिमामयी अवसर पर समाजवादी पार्टी के कई प्रमुख नेताओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इनमें पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष नदीम अहमद फारूकी, प्रदेश सचिव मनदीप यादव, पूर्व विधायक उर्मिला राजपूत, पूर्व मंत्री सर्वेश अंबेडकर, पूर्व मंत्री राम सेवक यादव, तथा यशवीर आर्य शामिल थे। इनके अतिरिक्त, सपा नेता भोला यादव, विनय यादव, हनी यादव, और रामशरण कठेरिया भी अंतिम संस्कार में शामिल हुए, जो पार्टी की ओर से श्रद्धांजलि अर्पित करने आए थे।
भारतीय जनता पार्टी की ओर से भी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। भाजपा नेता कुंवर जीत सिंह ने अंतिम संस्कार में भाग लिया और दिवंगत आत्मा के प्रति सम्मान व्यक्त किया। फर्रुखाबाद के पूर्व चेयरमैन विजय गुप्ता तथा अन्य क्षेत्रीय गणमान्य व्यक्तियों ने भी अंतिम संस्कार में भाग लेकर अपनी उपस्थिति से शोक संतप्त परिवार को बल प्रदान किया। उपस्थित सभी नेताओं ने मनोज मिश्रा और उनके परिजनों से व्यक्तिगत रूप से मिलकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और शोकाकुल परिवार को इस कठिन समय में धैर्य बनाए रखने तथा संबल प्रदान करने की कामना की। यह घटना क्षेत्र में राजनीतिक और सामाजिक एकता का भी प्रतीक बनी, जहाँ विभिन्न दलों के नेता एक दुखद अवसर पर एक साथ आए।
