संत रविदास की 650वीं जयंती: समरसता संकल्प यात्रा 20 अगस्त से शुरू
संत शिरोमणि रविदास जी की 650वीं जन्मजयंती के उपलक्ष्य में 20 अगस्त से 10 सितंबर तक "गुरु रविदास महाराज समरसता संकल्प अभियान एवं यात्रा" का आयोजन किया जाएगा।

द क्लिफ न्यूज़ | भिण्ड | 19 अगस्त 2026
संत शिरोमणि रविदास जी की 650वीं जन्मजयंती के पावन अवसर पर 'गुरु रविदास महाराज समरसता संकल्प अभियान एवं यात्रा' का भव्य आयोजन किया जा रहा है। यह बहुआयामी अभियान 20 अगस्त 2026 से प्रारंभ होकर 10 सितंबर 2026 तक पूर्ण समर्पण भाव से चलेगा। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य महान संत रविदास के जीवन के आदर्शों, उनके गहन दार्शनिक विचारों, और विशेष रूप से समता, भक्ति, सेवा, सामाजिक न्याय एवं मानवता के उनके सार्वभौमिक संदेश को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाना और इसका व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करना है।
इस महत्वपूर्ण अभियान की औपचारिक शुरुआत 20 अगस्त को संत शिरोमणि गुरु रविदास जी आश्रम, मण्डी प्रांगण, मेहगांव, जिला भिण्ड, मध्य प्रदेश में एक गरिमामय कलश बंधन एवं सम्मान समारोह के साथ की जाएगी। इस समारोह के उपरांत, एक पवित्र कलश और विशेष रूप से तैयार किया गया कलश रथ, स्थानीय रविदास मंदिरों में दर्शनार्थ रखा जाएगा और तत्पश्चात यह रथ यात्रा विभिन्न ग्रामों और कस्बों तक अपने निर्धारित पड़ावों पर पहुंचेगी, जहाँ स्थानीय समुदायों के साथ संवाद स्थापित किया जाएगा।
समरसता संकल्प रथ यात्रा का विस्तृत कार्यक्रम
यह समरसता संकल्प रथ यात्रा 20 अगस्त को भिण्ड शहर से प्रारंभ होकर मेहगांव तक की अपनी पहली यात्रा पूरी करेगी, जहाँ मेला ग्राउंड में एक जनसभा और स्वागत का कार्यक्रम आयोजित होगा। अगले दिन, 21 अगस्त को यह यात्रा मेहगांव से निकलकर गोहद की ओर प्रस्थान करेगी, जिसका पड़ाव शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बालक छात्रावास, गोहद में निर्धारित किया गया है।
यात्रा का विस्तृत कार्यक्रम इस प्रकार है:
22 अगस्त: गोहद से मालनपुर तक की यात्रा, जिसका पड़ाव शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बालक छात्रावास, मालनपुर में होगा।
23 अगस्त: मालनपुर से गोहद की वापसी यात्रा, जो शासकीय माध्यमिक विद्यालय बालक छात्रावास, चितौरा में विश्राम करेगी।
24 अगस्त: चितौरा से मौ तक का सफर, पड़ाव शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बालक छात्रावास, मौ में होगा।
25 अगस्त: मौ से अमायन तक यात्रा, जहाँ शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बालक छात्रावास, अमायन में विश्राम होगा।
27 अगस्त: अमायन से लहार तक की यात्रा, पड़ाव शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बालक छात्रावास, लहार में निर्धारित है।
01 सितम्बर: लहार से दबोह तक की यात्रा, जिसका पड़ाव शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बालक छात्रावास, दबोह में होगा।
02 सितम्बर: दबोह से आलमपुर तक का सफ़र, पड़ाव शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बालक छात्रावास, आलमपुर में किया जाएगा।
03 सितम्बर: आलमपुर से लहार की वापसी यात्रा, पड़ाव शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बालक छात्रावास, लहार में होगा।
07 सितम्बर: लहार से रौन तक की यात्रा, पड़ाव शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बालक छात्रावास, रौन में निर्धारित है।
08 सितम्बर: रौन से ऊमरी तक का सफर, पड़ाव शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बालक छात्रावास, ऊमरी में किया जाएगा।
09 सितम्बर: ऊमरी से भिण्ड तक की यात्रा, जहाँ शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बालक छात्रावास, भिण्ड में अंतिम पड़ाव से पूर्व रात्रि विश्राम होगा।
10 सितम्बर: यात्रा का अंतिम दिन, भिण्ड से अटेर तक की यात्रा, जिसका समापन शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बालक छात्रावास, अटेर में एक भव्य समारोह के साथ होगा।
यह राष्ट्रव्यापी यात्रा अपने प्रत्येक निर्धारित पड़ाव पर विभिन्न सामुदायिक कार्यक्रमों, प्रवचनों, और संत रविदास के जीवन-दर्शन पर आधारित संगोष्ठियों का आयोजन करेगी। इसका मुख्य उद्देश्य समाज में समरसता, समानता, सामाजिक न्याय और भाईचारे के मूल्यों को गहराई से स्थापित करना है, जैसा कि संत रविदास ने अपने जीवन और शिक्षाओं से सिखाया था। इस अभियान से लाखों लोगों को संत रविदास के विचारों से जुड़ने और उन्हें अपने जीवन में आत्मसात करने का अवसर प्राप्त होगा, जिससे एक अधिक समतामूलक और न्यायपूर्ण समाज का निर्माण हो सकेगा।
