संत रविदास कलश यात्रा का दंदरौआ और अमायन में भव्य स्वागत
संत शिरोमणि रविदास महाराज की जयंती पर आयोजित 'संत रविदास कलश बंधन यात्रा' का दंदरौआ और अमायन में श्रद्धालुओं ने श्रद्धापूर्वक स्वागत किया।

द क्लिफ न्यूज़ | 21 अगस्त 2026
संत शिरोमणि रविदास महाराज की जयंती के उपलक्ष्य में देश और प्रदेश भर में आयोजित की जा रही 'संत रविदास कलश बंधन यात्रा' का मेहगांव, दंदरौआ और अमायन मंडल क्षेत्रों में अपार उत्साह और श्रद्धा के साथ भव्य स्वागत किया गया। यात्रा ने धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की आस्था को छुआ और संत रविदास के सामाजिक विचारों को जन-जन तक पहुंचाया।
मेहगांव क्षेत्र से प्रारंभ हुई यह यात्रा दंदरौआ धाम पहुंची, जहाँ रात्रि विश्राम के उपरांत सुबह मंदिर के पुजारी रामबरन महाराज ने विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर यात्रा को ग्रामीण क्षेत्रों के लिए रवाना किया। इस दौरान यात्रा मार्ग पर जयकारों से माहौल धर्ममय बना रहा और स्थान-स्थान पर ग्रामीणों ने पुष्पवर्षा कर कलश यात्रा का अभिनंदन किया।
धार्मिक स्थलों पर हुआ विशेष पूजन
दंदरौआ धाम से आगे बढ़ते हुए यह यात्रा कैरोरा मंदिर, कैमोखरी मंदिर और कनाथर मंदिर पहुंची। इन सभी धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव के साथ कलश का पूजन किया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों में वक्ताओं ने संत रविदास महाराज के जीवन, उनके महान सामाजिक विचारों और समरसता के संदेश पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने संत रविदास के उन सिद्धांतों पर जोर दिया जो समाज में समानता और भाईचारे को बढ़ावा देते हैं।
क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि और श्रद्धालु रहे मौजूद
इस धार्मिक आयोजन के दौरान भारी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और ग्रामीण उपस्थित रहे। इनमें यात्रा प्रभारी एवं जिला उपाध्यक्ष डॉ. तरुण शर्मा, जिला मंत्री सुभाष राठौर एडवोकेट, जिला मंत्री सुरेश सिंह सिकरवार, दंदरौआ मंडल अध्यक्ष दिलीप सिंह गुर्जर, अमायन मंडल अध्यक्ष विनोद सिंह चौहान, प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता बापू बेताल सिंह धौरेका, सुनील सिंह भदौरिया, रामवीर भदौरिया, नीरज शर्मा, अरविंद भदौरिया, रज्जन भदौरिया, सुनील डंडोतिया, रामेन्द्र कुशवाहा, सोनू परिहार, अवधेश गुर्जर, मोहन सिंह सरपंच, चंद्रभान गुर्जर, रघुराज गुर्जर, कल्लू त्यागी, वीरेन्द्र टिकरी, मेघ सिंह चौहान, मद्रास सिंह चौहान, सुरेन्द्र सिंह चौहान, वीरेन्द्र कुशवाहा, वीरेन्द्र गुर्जर और गंगा सिंह बघेल सहित सैकड़ों श्रद्धालु शामिल थे।
धार्मिक अनुष्ठानों के संपन्न होने के उपरांत रथ अमायन मंडल के लिए रवाना हुई, जहाँ यात्रा का स्वागत करने के लिए बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए। इस पूरी यात्रा का उद्देश्य संत रविदास के संदेशों को घर-घर पहुंचाना और उनकी जयंती के अवसर पर समाज में एकता का भाव मजबूत करना रहा।
