संत गुरु रविदास की कलश यात्रा का बलरामपुर में भव्य स्वागत
वाराणसी से निकली संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज की 650वीं जयंती की कलश यात्रा का बलरामपुर में धूमधाम से स्वागत हुआ। श्रद्धालुओं और भाजपा नेताओं ने यात्रा में भाग लिया।

द क्लिफ न्यूज़ | बलरामपुर | 30 जुलाई 2026
संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज की 650वीं जयंती के उपलक्ष्य में वाराणसी से निकली पावन कलश बंधन यात्रा का बलरामपुर जनपद की सीमा पर भव्य एवं श्रद्धापूर्ण स्वागत किया गया। इस यात्रा के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में स्थानीय श्रद्धालुओं के साथ-साथ भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे।
स्वागत कार्यक्रम के दौरान, उपस्थित जनप्रतिनिधियों और श्रद्धालुओं ने संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज के चित्र और पवित्र कलश पर पुष्प वर्षा कर यात्रा का अभिनंदन किया। सभी ने गुरु रविदास महाराज द्वारा बताए गए समरसता, समानता, प्रेम, सेवा और मानवता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर पूरे वातावरण में गुरु रविदास महाराज के जयघोष और भक्ति गीतों का गूंज रहा था, जिससे एक श्रद्धामय माहौल निर्मित हुआ।
यात्रा में प्रमुख हस्तियों की उपस्थिति
बलरामपुर में इस महत्वपूर्ण स्वागत समारोह में कई प्रमुख राजनीतिक और सामाजिक हस्तियों ने शिरकत की। इनमें भाजपा जिलाध्यक्ष रवि मिश्र, सदर विधायक पल्टूराम, विधायक कैलाश नाथ शुक्ल, विधायक राम प्रताप वर्मा, नगर पालिका परिषद बलरामपुर के अध्यक्ष डॉ. धीरेन्द्र प्रताप सिंह 'धीरू', ब्लॉक प्रमुख राकेश तिवारी, गोविंद सोनकर, भाजपा जिला उपाध्यक्ष वंदना पासवान, बृजेन्द्र तिवारी, संजय शुक्ल, वरुण सिंह 'मोनू' शामिल थे। कार्यक्रम संयोजक शिव प्रसाद यादव और सहसंयोजक राजाराम गौतम, बिन्दू विश्वकर्मा के अलावा जिला महामंत्री डॉ. अजय सिंह 'पिंकू', महेन्द्र पाण्डेय, डीपी सिंह बैस, साधना पाण्डेय, सुधा पाण्डेय, सरोज तिवारी तथा सैकड़ों कार्यकर्ता और श्रद्धालु भी उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर यात्रा का भव्य स्वागत किया।
गुरु रविदास के संदेश का महत्व
कार्यक्रम में वक्ताओं ने संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज के जीवन और विचारों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने अपने जीवन और विचारों के माध्यम से समाज को समरसता, सामाजिक समानता और मानव कल्याण का मार्ग दिखाया। उनकी शिक्षाएं आज भी समाज को एकजुट करने और सामाजिक सद्भाव को मजबूत बनाने के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। यह कलश बंधन यात्रा, जो उनकी 650वीं जयंती के उपलक्ष्य में निकाली जा रही है, समाज में एकता, सद्भाव और आध्यात्मिक चेतना का संदेश लेकर आगे बढ़ रही है।
