संस्कार भारती ने मनाया कृष्ण जन्मोत्सव, छात्रों ने दी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
नर्मदापुरम में संस्कार भारती ने धूमधाम से जन्माष्टमी मनाई। विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं, जिसका उद्देश्य उन्हें भारतीय संस्कृति से जोड़ना है।

द क्लिफ न्यूज़ | नर्मदापुरम | 5 सितंबर 2026
भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव जन्माष्टमी का पर्व नर्मदापुरम में संस्कार भारती द्वारा अत्यंत श्रद्धा, उल्लास और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने राधा-कृष्ण की मनमोहक वेशभूषा धारण कर विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं, जिससे पूरा वातावरण कृष्णमय हो गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान श्रीकृष्ण की विधि-विधान से पूजा-अर्चना और आरती के साथ किया गया। इसके पश्चात्, भजन-कीर्तन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। विद्यालय के विद्यार्थियों ने श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप, उनकी बाल लीलाओं और जीवन के महत्वपूर्ण प्रसंगों पर आधारित मनमोहक प्रस्तुतियां देकर उपस्थित जनसमूह का दिल जीत लिया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में स्वर्णिका मिश्रा ने प्रथम स्थान प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
संस्कृति और संस्कारों से जुड़ाव पर जोर
इस आयोजन को संबोधित करते हुए संस्कार भारती के जिलाध्यक्ष हर्ष तिवारी ने कहा कि ऐसे आयोजनों का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, परंपराओं और संस्कारों से जोड़ना है। उन्होंने बल दिया कि भगवान श्रीकृष्ण के जीवन-दर्शन से प्रेरणा लेकर उनमें नैतिक मूल्यों का विकास करना भी इन आयोजनों का एक महत्वपूर्ण लक्ष्य है। हर्ष तिवारी ने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि कैसे आज की युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों और समृद्ध विरासत से जुड़े रहना आवश्यक है, और जन्माष्टमी जैसे पर्व इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
संस्कार भारती के महामंत्री सुयश मिश्रा ने सभी विद्यार्थियों को जन्माष्टमी की शुभकामनाएं प्रेषित कीं। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन हमें कर्म, सत्य, प्रेम, करुणा, मित्रता और धर्म के मार्ग पर चलने की अमूल्य प्रेरणा देता है। उनके जीवन और संदेशों से प्रेरित होकर हमें अपने जीवन में सकारात्मक मूल्यों को अपनाना चाहिए और एक आदर्श समाज के निर्माण में योगदान देना चाहिए। सुयश मिश्रा ने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि श्रीकृष्ण की शिक्षाएं आज के जटिल समाज में भी प्रासंगिक हैं और उनका पालन करके हम व्यक्तिगत और सामाजिक स्तर पर सुधार ला सकते हैं।
कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ केवल मनोरंजन का साधन नहीं थीं, बल्कि वे भारतीय पौराणिक कथाओं और मूल्यों को जीवंत करने का एक माध्यम थीं। नन्हे-मुन्ने बच्चों द्वारा प्रस्तुत की गई कृष्ण की बाल लीलाओं ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया, जिससे उत्सव का माहौल और भी आनंदमय हो गया। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से बच्चों ने न केवल अपनी कला का प्रदर्शन किया, बल्कि उन्होंने श्रीकृष्ण की शिक्षाओं को भी अपने प्रदर्शनों में समाहित किया।
इस अवसर पर अध्यक्ष हर्ष तिवारी, उपाध्यक्ष अभिषेक दुबे, महामंत्री सुयश मिश्रा, पंकज चौधरी, महेंद्र आर्य, अनिल उपाध्याय, श्रीमती स्वाति तिवारी, श्रीमती सुचिता पांडे, रामकुमार उपाध्याय, श्रीमती फूलबाई गुप्ता, श्रीमती मोनिका उपाध्याय एवं श्रीमती आरती सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी और संस्कार भारती के अन्य सदस्य उपस्थित रहे। इस एकत्रित उपस्थिति ने कार्यक्रम की भव्यता और समुदाय की भागीदारी को रेखांकित किया, जो संस्कार भारती के उद्देश्यों को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था।
