संस्कार भारती नर्मदापुरम की नई कार्यकारिणी घोषित, हर्ष तिवारी अध्यक्ष बने
गुरु पूर्णिमा के अवसर पर संस्कार भारती नर्मदापुरम जिला इकाई की वर्ष 2026-27 की कार्यकारिणी घोषित। हर्ष तिवारी को अध्यक्ष और सुयश मिश्रा को महामंत्री बनाया गया।

द क्लिफ न्यूज़ | नर्मदापुरम | 1 अगस्त 2026
साहित्य, कला, संगीत और भारतीय संस्कृति के विभिन्न आयामों से नई पीढ़ी को जोड़ने तथा उनमें राष्ट्रभक्ति और सांस्कृतिक चेतना विकसित करने के उद्देश्य से कार्यरत संस्कार भारती की नर्मदापुरम जिला इकाई की वर्ष 2026-27 के लिए नई कार्यकारिणी का गठन गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर सनराइज स्कूल ऑफ एक्सीलेंस में संपन्न हुआ। इस अवसर पर हर्ष तिवारी को अध्यक्ष और सुयश मिश्रा को महामंत्री चुना गया है।
बैठक का शुभारंभ संस्कार भारती के सामूहिक गीत गान और भारत माता के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। निर्वाचन प्रक्रिया प्रांतीय महामंत्री मोतीलाल कुशवाहा एवं प्रांतीय अधिकारी दिनेश मिश्रा की उपस्थिति में संपन्न हुई। इसके पश्चात वर्ष 2026-27 की जिला कार्यकारिणी की घोषणा की गई।
नई कार्यकारिणी की घोषणा
घोषित कार्यकारिणी में टी.पी. मिश्रा को संरक्षक, हर्ष तिवारी को अध्यक्ष, अभिषेक दुबे को उपाध्यक्ष, सुयश मिश्रा को महामंत्री, पंकज चौधरी को सह महामंत्री, महेंद्र आर्य को कोषाध्यक्ष तथा अनिल उपाध्याय को सह-कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। विभिन्न कला विधाओं के संयोजकों के रूप में श्रीमती स्वाति तिवारी को मंचीय कला, श्रीमती सुचिता पांडे को साहित्य कला तथा रामकुमार उपाध्याय को लोक कला का दायित्व सौंपा गया है। इसके अतिरिक्त, श्रीमती फूलबाई गुप्ता, श्रीमती मोनिका उपाध्याय एवं श्रीमती आरती उपाध्याय को कार्यकारिणी सदस्य मनोनीत किया गया है।
संस्कृति संरक्षण का उद्देश्य
इस अवसर पर प्रांत महामंत्री मोतीलाल कुशवाहा ने कहा कि संस्कार भारती राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का एक प्रमुख सांस्कृतिक आयाम है, जो भारतीय संस्कृति, कला और साहित्य के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि संस्कृति हमारी पहचान और जड़ों का आधार है, लेकिन विभिन्न कारणों से समाज को अपनी सांस्कृतिक विरासत से दूर करने के प्रयास किए जा रहे हैं। ऐसे समय में, संस्कार भारती कलाकारों, साहित्यकारों और सांस्कृतिक साधकों के माध्यम से समाज, विशेषकर नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और अपने मूल संस्कारों से पुनः जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य कर रही है।
