संस्कार भारती का सांस्कृतिक मंथन: कला से समाज को नई दिशा देने का संकल्प
नर्मदापुरम में संस्कार भारती की चिंतन बैठक में भारतीय सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और कला के माध्यम से समाज को नई दिशा देने पर गहन...

Narmadapuram | संवाददाता: Suyash Mishra
द क्लिफ न्यूज़ | नर्मदापुरम | 15 अक्टूबर 2026
नर्मदापुरम स्थित दादा गुरु की कुटिया में गुरुवार को संस्कार भारती की एक महत्वपूर्ण चिंतन बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों और सदस्यों ने भारतीय सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और कला के माध्यम से समाज को नई दिशा देने के संकल्प को दोहराया। बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी कार्ययोजनाओं के जरिए सांस्कृतिक गतिविधियों को व्यापक स्तर पर विस्तार देना था।
कार्यक्रम की शुरुआत गणेश वंदना से हुई। इसके उपरांत, संगठन के आगामी कार्यक्रमों, सांस्कृतिक विस्तार और भारतीय जीवन मूल्यों के व्यापक प्रचार-प्रसार पर गहन विचार-विमर्श किया गया। बैठक की अध्यक्षता करते हुए संरक्षक टी. पी. मिश्रा ने इस बात पर प्रकाश डाला कि चार दशक पूर्व संस्कृति और परंपराओं को सहेजने के उद्देश्य से शुरू किया गया यह अभियान आज सार्थक परिणाम दे रहा है। उन्होंने कहा कि समाज में बढ़ती सांस्कृतिक चेतना इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि भारतीय परंपराओं की जड़ें आज भी अत्यंत मजबूत हैं।
कला की सामाजिक भूमिका पर जोर
जिला अध्यक्ष हर्ष तिवारी ने कला की सामाजिक भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि कला केवल मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि यह समाज को जागरूक करने, मानवीय संवेदनाओं को विकसित करने और व्यक्तित्व निर्माण का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने सांस्कृतिक गतिविधियों को समाज के अंतिम पायदान तक पहुंचाने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया। उनका मानना था कि कला के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाए जा सकते हैं।
आगामी कार्ययोजनाओं की रूपरेखा
बैठक में महामंत्री सुयश मिश्रा ने संगठन की भावी कार्ययोजनाओं की रूपरेखा प्रस्तुत की और आगामी गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी। सांस्कृतिक कार्यक्रमों को अधिक प्रभावशाली बनाने और भारतीय परंपराओं को जन-जन तक पहुंचाने के विभिन्न उपायों पर भी चर्चा हुई। इस दौरान, संगठन के उपाध्यक्ष अभिषेक दुबे, कोषाध्यक्ष महेंद्र आर्य, अनिल उपाध्याय और रामकुमार उपाध्याय सहित अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे। यह बैठक भारतीय संस्कृति की समृद्धि को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के दृढ़ संकल्प के साथ संपन्न हुई, जिसने भविष्य की दिशा तय की।
