सांसदों के संत वेश प्रदर्शन पर विहिप-बजरंग दल का रोष, कार्रवाई की मांग
विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने संसद परिसर में विपक्षी सांसदों द्वारा संत वेश में किए गए प्रदर्शन को सनातन धर्म का अपमान बताया है। संगठन ने लोकसभा अध्यक्ष से कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

द क्लिफ न्यूज़ | भोपाल | 1 अगस्त 2026
विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और बजरंग दल ने 31 जुलाई को संसद भवन परिसर में विपक्षी सांसदों द्वारा संत वेश धारण कर किए गए प्रदर्शन पर तीखी नाराजगी जताई है। संगठनों ने इसे सनातन धर्म, साधु-संतों और संपूर्ण हिंदू समाज की धार्मिक भावनाओं का अपमान करार देते हुए लोकसभा अध्यक्ष से संबंधित सांसदों के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की है। विहिप ने इस मामले में कानूनी कार्रवाई पर भी विचार करने की बात कही है।
विश्व हिंदू परिषद, प्रांत मध्यभारत के प्रांत सह मंत्री जितेंद्र चौहान ने इस प्रदर्शन को 'भोंडा' बताते हुए कहा कि यह विपक्षी सांसदों का बेहद निम्नस्तरीय कृत्य है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस समर्थित निर्दलीय सांसद पप्पू यादव, कांग्रेस नेता राहुल गांधी तथा समाजवादी पार्टी व कांग्रेस के अन्य सांसदों ने धार्मिक प्रतीकों का दुरुपयोग कर सनातन आस्था पर चोट पहुँचाने का प्रयास किया है। चौहान ने कहा कि यह हिंदू विरोधी रवैया नया नहीं है, और राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण में रोड़े अटकाने से लेकर अब तक ये सनातनी आस्थाओं को निशाना बनाते रहे हैं। उन्होंने इसे भव्य राम मंदिर बनने के बाद उपजी 'बौखलाहट' का परिणाम बताया।
धार्मिक प्रतीकों के दुरुपयोग का आरोप
जितेंद्र चौहान ने कहा कि जिस प्रकार रावण ने छल-कपट के लिए संत का छद्म वेश धारण किया था, उसी प्रकार इन नेताओं ने धार्मिक प्रतीकों का दुरुपयोग करने का प्रयास किया है। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि यदि इन नेताओं में साहस है, तो वे किसी अन्य धर्म के धर्मगुरुओं या मौलवियों का वेश धारण कर उनके प्रतीकों का मजाक उड़ाकर दिखाएं। चौहान ने चेतावनी दी कि ऐसा करते ही सड़कों पर उग्र प्रदर्शन होने लगेंगे और उनका बाहर निकलना कठिन हो जाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि हिंदू समाज धैर्यवान और सहिष्णु है, लेकिन उसे अपनी भाषाई व संवैधानिक मर्यादाओं के दायरे से बाहर जाने पर मजबूर न किया जाए।
संत समाज की चेतावनी
इस प्रदर्शन को लेकर पूज्य संत महंत अनिलानंद महाराज ने भी कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि संसद में प्रदर्शन के नाम पर भगवान श्रीराम और संत परंपरा का अपमान संत समाज बिल्कुल भी स्वीकार नहीं करेगा। महंत अनिलानंद ने चेतावनी दी कि यदि संबंधित सांसदों द्वारा सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगी जाती है, तो संत समाज अपने आंदोलन को और तेज करेगा।
अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग
विश्व हिंदू परिषद ने लोकसभा अध्यक्ष से पुरजोर मांग की है कि संसद परिसर में धार्मिक प्रतीकों का इस प्रकार अनादर करने वाले सांसदों के खिलाफ कठोरतम अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। संगठन ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस अमर्यादित कृत्य और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के विरुद्ध विश्व हिंदू परिषद स्वयं भी कानूनी कार्रवाई करने पर विचार कर रही है।
विरोध प्रदर्शन में संगठनों की भागीदारी
इस विरोध प्रदर्शन और प्रेस वक्तव्य के दौरान विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। इनमें प्रांत सह मंत्री जितेंद्र चौहान, भोपाल विभाग मंत्री जीवन शर्मा, विभाग सह मंत्री हरिओम शर्मा, विभाग संयोजक अभिजीत राजपूत, विभाग सह संयोजक नीरज प्रजापति, जिला मंत्री मोहित सोनी, नितिन साहू, कमल पिपरिया, जितेंद्र मीणा, जिला संयोजक रोहित श्रीवास, सुरेंद्र ठाकुर, अभिषेक शर्मा, अर्जुन गुर्जर, शिवराज धाकड़ सहित भोपाल विभाग के सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल थे।
