संसद में पेपर लीक पर घमासान, गृह मंत्री से माफी की मांग
मानसून सत्र में नीट समेत परीक्षाओं में पेपर लीक और छात्र आंदोलनों पर पुलिसिया कार्रवाई को लेकर विपक्ष का हंगामा। दोनों सदनों में बार-बार स्थगन, सरकार पर जवाबदेही का दबाव।

द क्लिफ न्यूज़ | नई दिल्ली | 28 जुलाई 2026
संसद के मानसून सत्र में मंगलवार को पेपर लीक के गंभीर मुद्दे और छात्रों के आंदोलनों के दौरान कथित पुलिसिया कार्रवाई को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी तकरार देखने को मिली। विपक्षी सदस्यों के भारी हंगामे के कारण लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही को कई बार स्थगित करना पड़ा, जिससे विधायी कार्यों में व्यवधान उत्पन्न हुआ।
विपक्ष के प्रमुख नेताओं, जिनमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शामिल हैं, ने सरकार से नीट (NEET) और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में हो रहे पेपर लीक को लेकर जवाबदेही तय करने की मांग की। उन्होंने छात्रों के शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों पर पुलिस द्वारा बल प्रयोग किए जाने का आरोप लगाते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से सदन में माफी मांगने की मांग उठाई।
पेपर लीक विधेयक पर चर्चा में बाधा
लोकसभा में सरकार द्वारा 'एंटी-पेपर लीक संशोधन विधेयक' पर चर्चा शुरू करने के प्रयासों को विपक्षी सदस्यों के लगातार नारेबाजी और हंगामे के चलते बाधा पहुंची। विपक्षी दलों ने इस मुद्दे को तत्काल उठाए जाने और गृह मंत्री से जवाब की मांग पर जोर दिया, जिसके चलते सदन को कई बार स्थगित किया गया।
राज्यसभा में भी गूंजा मुद्दा
इसी तरह, उच्च सदन, राज्यसभा में भी पेपर लीक और छात्र आंदोलनों का मुद्दा छाया रहा। सभापति के प्रश्नकाल और सूचीबद्ध कार्यवाही को आगे बढ़ाने के प्रयासों के बावजूद, विपक्षी सांसदों ने पेपर लीक, छात्र प्रदर्शनों और कथित पुलिस कार्रवाई पर तत्काल चर्चा की मांग करते हुए हंगामा किया। लगातार हो रहे हंगामे के कारण राज्यसभा को भी बार-बार स्थगित करना पड़ा। विपक्षी सदस्यों का तर्क था कि छात्रों से जुड़े इस संवेदनशील मुद्दे पर सरकार को सदन में स्पष्टीकरण देना चाहिए।
सरकार का पक्ष
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष के आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि सरकार सभी महत्वपूर्ण विषयों पर नियमों के अनुसार चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष सदन की कार्यवाही बाधित करके लोकतांत्रिक प्रक्रिया में बाधा डाल रहा है। रिजिजू ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार एंटी-पेपर लीक कानून को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है और इस विषय पर सार्थक चर्चा का स्वागत करती है।
पेपर लीक और छात्र आंदोलनों से जुड़ा यह मुद्दा अब संसद के वर्तमान मानसून सत्र का एक प्रमुख राजनीतिक बिंदु बन गया है। विपक्ष सरकार पर जवाबदेही तय करने और छात्रों के हितों से जुड़े मामलों पर स्पष्ट रुख अपनाने के लिए लगातार दबाव बनाए हुए है, जबकि सरकार निर्धारित विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाने और प्रक्रिया के अनुसार चर्चा कराने पर बल दे रही है। आगामी दिनों में भी इन मुद्दों पर संसद के दोनों सदनों में तीखी बहस और राजनीतिक टकराव जारी रहने की उम्मीद है।
