सांसद माया नारोलिया ने सेलुलर जेल का किया दौरा, स्वतंत्रता सेनानियों को किया नमन
राज्यसभा सांसद माया नारोलिया ने अंडमान की ऐतिहासिक सेलुलर जेल का दौरा कर स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने वीर सावरकर और नेताजी सुभाष चंद्र बोस से जुड़ी स्मृतियों का अवलोकन किया।

द क्लिफ न्यूज़ | 4 सितंबर 2026
भारत सरकार की आवास एवं शहरी कार्य संबंधी संसदीय स्थायी समिति (2025-26) के तीन दिवसीय अंडमान-निकोबार अध्ययन दौरे के तहत मध्य प्रदेश की राज्यसभा सांसद श्रीमती माया नारोलिया ने ऐतिहासिक राष्ट्रीय स्मारक सेलुलर जेल का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम के नायकों के बलिदानों को याद किया और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
सांसद नारोलिया ने सेलुलर जेल परिसर का गहन भ्रमण किया। उन्होंने जेल की दीवारों पर अंकित स्वतंत्रता सेनानी वीर सावरकर के त्याग, तपस्या और संघर्ष की गाथा को नज़दीक से देखा। इसके साथ ही, उन्होंने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के सेलुलर जेल आगमन से जुड़ी स्मृतियों का भी अवलोकन किया। यह दौरा समिति के समग्र अध्ययन का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह की महत्वपूर्ण सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संपदाओं का मूल्यांकन करना है।
ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण पर जोर
अपने दौरे के दौरान सांसद माया नारोलिया ने कहा कि सेलुलर जेल देश के स्वतंत्रता संग्राम के संघर्ष, बलिदान और राष्ट्रभक्ति की एक अमिट गाथा का प्रतीक है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ऐसे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर स्थल आने वाली पीढ़ियों को देश के स्वतंत्रता सेनानियों के अथक प्रयासों और बलिदानों से परिचित कराने का एक महत्वपूर्ण माध्यम हैं। यह स्थल न केवल इतिहास का गवाह है, बल्कि देशभक्ति की भावना को भी प्रज्वलित करता है।
हुतात्माओं और देश के गौरवशाली इतिहास को नमन करते हुए, उन्होंने ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण और उनके महत्व को जन-जन तक पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने रेखांकित किया कि इन स्मारकों की सुरक्षा और संवर्धन सुनिश्चित करना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है ताकि भविष्य की पीढ़ियां भी उनसे प्रेरणा ले सकें। यह अध्ययन दौरा संसदीय समिति को ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण और विकास से जुड़े विभिन्न पहलुओं को समझने का अवसर भी प्रदान करेगा, जिसमें स्थायी पर्यटन को बढ़ावा देना और स्थानीय समुदायों को शामिल करना शामिल हो सकता है।
सेलुलर जेल, जिसे 'काला पानी' के नाम से भी जाना जाता है, भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है। यहाँ स्वतंत्रता सेनानियों को क्रूर यातनाएँ दी जाती थीं, जिससे यह स्थान उनके बलिदानों का जीवंत स्मारक बन गया है। वीर सावरकर जैसे महान नेताओं ने यहाँ अपनी कैद के दौरान अपनी लेखनी और विचारों से स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा दी। सांसद नारोलिया ने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि इन ऐतिहासिक स्थलों का रख-रखाव केवल प्रतीकात्मक नहीं, बल्कि शिक्षा और राष्ट्रीय चेतना के विकास के लिए भी अत्यंत आवश्यक है।
यह दौरा भारत सरकार की संसदीय स्थायी समिति के व्यापक अध्ययन कार्यक्रम का एक अभिन्न अंग है, जिसका उद्देश्य देश भर में शहरी विकास, आवास और संबंधित सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण के लिए प्रभावी नीतियों का निर्माण करना है। अंडमान-निकोबार जैसे रणनीतिक और ऐतिहासिक महत्व वाले क्षेत्रों का अध्ययन महत्वपूर्ण है ताकि स्थानीय आवश्यकताओं और राष्ट्रीय उद्देश्यों के बीच संतुलन स्थापित किया जा सके। सांसद नारोलिया के नेतृत्व में समिति ने इस दौरे से प्राप्त अंतर्दृष्टियों को भविष्य की सिफारिशों में शामिल करने की उम्मीद जताई है।
