सांसद माया नारोलिया ने 'संवाद केंद्र' पर बांधी सैनिकों और भाइयों को राखी
नर्मदापुरम की राज्यसभा सांसद माया नारोलिया ने रक्षाबंधन के अवसर पर वीर सैनिकों व भाइयों की कलाई पर स्नेह सूत्र बांधकर राष्ट्र के प्रहरियों के प्रति सम्मान व्यक्त किया।

द क्लिफ न्यूज़ | नर्मदापुरम | 28 अगस्त 2026
नर्मदापुरम से राज्यसभा सांसद माया नारोलिया ने पवित्र भारतीय संस्कृति के प्रतीक रक्षाबंधन पर्व पर अपने निज निवास कार्यालय 'संवाद केंद्र' में एक आत्मीय कार्यक्रम का आयोजन किया। इस अवसर पर उन्होंने देश की सीमाओं की रक्षा में तत्पर रहने वाले वीर सैनिकों और उपस्थित आत्मीय भाइयों की कलाइयों पर स्नेह, सुरक्षा और विश्वास का पावन रक्षा सूत्र बांधा।
सांसद नारोलिया ने सभी को मिठाई खिलाकर उनकी मंगलकामनाएं कीं। उन्होंने इस दौरान सभी उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि रक्षाबंधन केवल एक पारंपरिक पर्व नहीं, बल्कि यह परस्पर विश्वास, त्याग, समर्पण और सामाजिक समरसता का एक दिव्य प्रतीक है। उन्होंने राष्ट्र के वीर जवानों की सराहना करते हुए कहा कि वे विपरीत परिस्थितियों में भी अदम्य साहस और निष्ठा के साथ भारत माता की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहते हैं। ऐसे राष्ट्र प्रहरियों के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करना और उनके साथ यह पावन पर्व मनाना उनके लिए अत्यंत गर्व और आत्मिक संतोष का विषय है।
सांसद ने ईश्वर से सभी भाइयों और प्रदेशवासियों के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि, सुरक्षा और उत्तम स्वास्थ्य की प्रार्थना की। उन्होंने संपूर्ण अंचलवासियों को रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाएं भी प्रेषित कीं। इस कार्यक्रम में क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, प्रबुद्धजनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी भाग लिया।
इस अवसर पर अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद के जिला अध्यक्ष एवं नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री निर्मल सिंह राजपूत, महासचिव ओमप्रकाश रण, मीडिया प्रभारी संतबंत सिंह, यमुना प्रसाद मलैया, सक्रिय सदस्य अजय चौधरी सहित कई सैनिक भाई उपस्थित रहे।
वीर सैनिकों के प्रति जताया आभार
सांसद माया नारोलिया ने इस अवसर पर देश की सुरक्षा में तैनात उन वीर सैनिकों का विशेष रूप से उल्लेख किया, जो विपरीत परिस्थितियों और प्रतिकूल मौसम में भी अपनी जान की परवाह किए बिना राष्ट्र की सीमाओं की रक्षा करते हैं। उन्होंने कहा कि इन वीर जवानों के अदम्य साहस, अटूट निष्ठा और सर्वोच्च बलिदान के कारण ही आज देश सुरक्षित है। यह हमारा परम कर्तव्य है कि हम उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करें और उनके बलिदानों को याद रखें। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन का यह पर्व हमें अपने उन भाइयों को याद दिलाने का एक अवसर है, जो हमसे दूर रहकर भी हमारी रक्षा के लिए तत्पर हैं।
उन्होंने आगे कहा कि यह स्नेह का बंधन केवल भाई-बहन के रिश्ते तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक व्यापक सामाजिक समरसता का प्रतीक है। यह हमें यह सिखाता है कि हम सभी एक-दूसरे के प्रति स्नेह, विश्वास और सुरक्षा की भावना रखें। सैनिकों के साथ यह पर्व मनाकर उन्हें यह अहसास कराना कि पूरा राष्ट्र उनके साथ है, उन्हें और भी अधिक ऊर्जा और प्रोत्साहन देता है। सांसद नारोलिया ने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार के आयोजन से सैनिकों का मनोबल बढ़ेगा और उन्हें राष्ट्र सेवा के लिए और अधिक प्रेरणा मिलेगी।
सामुदायिक एकता का प्रतीक पर्व
रक्षाबंधन का पर्व भारतीय समाज में पारिवारिक और सामाजिक एकता को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। सांसद माया नारोलिया ने अपने संबोधन में इस बात पर जोर दिया कि यह पर्व सिर्फ पारंपरिक रस्मों का निर्वहन नहीं है, बल्कि यह आपसी प्रेम, सम्मान और त्याग की भावना को भी पोषित करता है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार बहन अपने भाई की लंबी आयु और सुख-समृद्धि की कामना करती है, उसी प्रकार भाई भी अपनी बहन की रक्षा का संकल्प लेता है। यह एक-दूसरे के प्रति विश्वास और सुरक्षा का अनमोल बंधन है।
सांसद नारोलिया ने आगे कहा कि समाज में विभिन्न वर्गों और समुदायों के बीच प्रेम और भाईचारे को बढ़ावा देने में ऐसे पर्वों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि रक्षाबंधन का यह पावन पर्व समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करेगा और सभी लोग एक-दूसरे के प्रति सद्भावना और स्नेह का भाव रखेंगे। उन्होंने उपस्थित सभी नागरिकों से आह्वान किया कि वे राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए समाज में एकता और समरसता बनाए रखने में अपना योगदान दें।
