संकिसा में शरद पूर्णिमा मेले की तैयारियों का जायजा, सद्भाव पर प्रशासन का जोर
फर्रुखाबाद के संकिसा में आगामी बौद्ध महोत्सव मेले की तैयारियों का डीआईजी यमुना प्रसाद ने जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को श्रद्धालुओं की सुविधा व सुरक्षा...

फर्रुखाबाद | संवाददाता: संदीप तिवारी
द क्लिफ न्यूज़ | फर्रुखाबाद | 24 अक्टूबर 2026
फर्रुखाबाद के ऐतिहासिक संकिसा में शरद पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित होने वाले बौद्ध महोत्सव मेले की तैयारियों का जायजा लेने के लिए पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) कानपुर परिक्षेत्र यमुना प्रसाद ने एक उच्च-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर और पुलिस अधीक्षक आरती सिंह भी उपस्थित रहे। मेले के शांतिपूर्ण और सुचारू आयोजन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से, प्रशासन ने सनातनी और बौद्ध समुदाय के प्रतिनिधियों से आपसी समन्वय, सहयोग और सौहार्द बनाए रखने की पुरजोर अपील की है।
डीआईजी यमुना प्रसाद ने इस अवसर पर सभी से धार्मिक भावनाओं का सम्मान करने और सहिष्णुता बनाए रखने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि संकिसा का यह आयोजन सांस्कृतिक और आध्यात्मिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है, जो न केवल राष्ट्रीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। उन्होंने भारतीय परंपरा 'अतिथि देवो भवः' का स्मरण कराते हुए सभी का स्वागत सद्भाव से करने की बात कही, ताकि आगंतुक शांति और समरसता का संदेश लेकर लौटें। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य मानवता और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना है, और किसी भी प्रकार की अफवाहों या गलतफहमियों से बचने के लिए आपसी संवाद अत्यंत आवश्यक है।
व्यवस्थाओं का निरीक्षण और सुरक्षा के निर्देश
बैठक के उपरांत, डीआईजी ने बिसारी देवी मंदिर, बौद्ध स्तूप और धम्मलोक बौद्ध विहार सहित विभिन्न महत्वपूर्ण स्थलों का निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम आवागमन और अन्य आवश्यक प्रबंधों को समय रहते पूर्ण करने के कड़े निर्देश जारी किए। जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने संयुक्त रूप से सभी नागरिकों से इस महोत्सव को भाईचारे और सौहार्द के साथ सफल बनाने की अपील की है। सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के साथ-साथ, सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से अपने उत्तरदायित्वों का निर्वहन करने के लिए निर्देशित किया गया है, ताकि मेले में आने वाले किसी भी व्यक्ति को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
