संकिसा बौद्ध महोत्सव: डीआईजी ने परखी सुरक्षा, दिए कड़े निर्देश
फर्रुखाबाद के संकिसा में आगामी बौद्ध महोत्सव की तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे कानपुर रेंज के डीआईजी यमुना प्रसाद ने अधिकारियों को सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद...

फर्रुखाबाद | संवाददाता: संदीप तिवारी
द क्लिफ न्यूज़ | फर्रुखाबाद | 23 अक्टूबर 2026
कानपुर रेंज के पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) यमुना प्रसाद ने आगामी बौद्ध महोत्सव के मद्देनजर फर्रुखाबाद के मेरापुर थाना क्षेत्र स्थित ऐतिहासिक संकिसा धार्मिक स्थल का शुक्रवार को औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने महोत्सव के आयोजन स्थल पर चल रही तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्थाओं का विस्तृत जायजा लिया। डीआईजी के साथ जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर और पुलिस अधीक्षक आरती सिंह भी मौजूद रहीं।
संकिसा का ऐतिहासिक महत्व और महोत्सव की तैयारी
ऐतिहासिक संकिसा, जो बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण और पवित्र स्थल है, प्रतिवर्ष बड़े पैमाने पर बौद्ध महोत्सव का आयोजन करता है। यह महोत्सव न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन को भी बढ़ावा देता है। इस वर्ष के महोत्सव की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं, जिसमें देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है। ऐसे में, सुरक्षा और व्यवस्थाएं अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती हैं, जिसे सुनिश्चित करने के लिए पुलिस और प्रशासनिक अमला पूरी तरह से सतर्क है। डीआईजी यमुना प्रसाद का यह औचक निरीक्षण तैयारियों की गंभीरता और सुरक्षा के प्रति अधिकारियों की तत्परता को दर्शाता है।
सुरक्षा और व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा
निरीक्षण के दौरान डीआईजी यमुना प्रसाद ने महोत्सव के सफल आयोजन को सुनिश्चित करने हेतु क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति की गहन समीक्षा की। उन्होंने मौके पर मौजूद संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी करते हुए कहा कि सभी व्यवस्थाओं को समय रहते अंतिम रूप दिया जाए। डीआईजी ने विशेष रूप से भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण, और आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए पुख्ता इंतजाम करने पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए विशेष निर्देश दिए गए कि महोत्सव के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोपरि हो और उन्हें किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती और खुफिया तंत्र को सक्रिय रखने के आदेश भी दिए गए।
धर्मगुरुओं और अनुयायियों के साथ संवाद
निरीक्षण प्रक्रिया पूरी होने के उपरांत, अधिकारियों ने पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में हिंदू और बौद्ध धर्म के अनुयायियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। इस संवाद सत्र में महोत्सव की तैयारियों से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। अनुयायियों ने आयोजन के सुचारू और व्यवस्थित संचालन के लिए अपने बहुमूल्य सुझाव रखे। उन्होंने विशेष रूप से पीने के पानी, स्वच्छता, बिजली आपूर्ति, और चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता पर ध्यान केंद्रित करने का अनुरोध किया। जिला प्रशासन ने आश्वस्त किया कि महोत्सव को शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए पूरी निगरानी रखी जाएगी। अधिकारियों ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए ताकि धार्मिक आयोजन में किसी भी प्रकार का व्यवधान उत्पन्न न हो। डीआईजी ने स्वयं सभी तैयारियों पर व्यक्तिगत रूप से नजर रखने का आश्वासन दिया और कहा कि सुरक्षा को लेकर किसी भी सुझाव को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।
