सांदीपनि विद्यालय में इको क्लब का गठन, प्लास्टिक मुक्त परिसर का संकल्प
नौगाँव के सांदीपनि विद्यालय में इको क्लब का गठन हुआ। प्राचार्य संरक्षक और छात्रों को नेतृत्व सौंपा गया। विशेषज्ञ ने प्लास्टिक के खतरों और पंच-आर...

नौगाँव मध्य प्रदेश | संवाददाता: राकेश पाठक
द क्लिफ न्यूज़ | नौगाँव | 24 अक्टूबर 2026
मध्य प्रदेश के नौगाँव स्थित सांदीपनि विद्यालय में पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक इको क्लब का गठन किया गया है। विद्यालय के सभा कक्ष में आयोजित एक विशेष बैठक में प्राचार्य आर के पाठक की अध्यक्षता में इस समिति को अंतिम रूप दिया गया। इस पहल का मुख्य लक्ष्य विद्यालय परिसर को प्लास्टिक मुक्त बनाना और छात्रों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
बैठक में कचरा प्रबंधन विशेषज्ञ और पूर्व सीएमओ डी डी तिवारी, पूर्व एसडीएम के एल अहिरवार तथा सामाजिक कार्यकर्ता अजय सिंह चंदेल विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर, विद्यालय के प्राचार्य आर के पाठक को इको समिति का संरक्षक और उप प्राचार्य के जी शुक्ला को नोडल अधिकारी के तौर पर नियुक्त किया गया। यह समिति विद्यालय को हरित और स्वच्छ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी, जिसके लिए प्रत्येक शनिवार को विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
समिति का विस्तार और छात्र नेतृत्व
गठित समिति में शिक्षाविदों को भी अहम स्थान दिया गया है। व्याख्याता के एल प्रजापति, गौतम निरंजन, इंद्रप्रताप सिंह गौर, स्वाति सेन, आरती सोनी, डोली देवी और मंजू अहिरवार को अध्यापक सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। समिति की छात्र इकाई में अनुज पाठक को अध्यक्ष, कीर्ति सिंह को उपाध्यक्ष और मानसी पाठक को सचिव चुना गया है। कक्षा पांच से बारह तक के दो-दो सदस्यों को मिलाकर कुल तीस सदस्यीय टीम का गठन किया गया है, जो विद्यालय की स्वच्छता और पर्यावरण संबंधी गतिविधियों का नेतृत्व करेगी।
एकल उपयोग प्लास्टिक पर विशेष सत्र
इको क्लब के गठन के उपरांत, कचरा प्रबंधन विशेषज्ञ डी डी तिवारी ने विद्यालय के लगभग एक हजार छात्र-छात्राओं को एकल उपयोग प्लास्टिक के खतरों और पर्यावरण संरक्षण के उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने छात्रों को 'रिफ्यूज, रिड्यूस, रीयूज, रिपरपज और रीसाइकल' यानी 'पंच-आर' (पांच आर) सिद्धांतों का महत्व समझाया। श्री तिवारी ने प्लास्टिक के उपयोग से पर्यावरण को होने वाले गंभीर नुकसान के प्रति आगाह किया और विद्यालय परिसर को पूर्णतः पॉलीथिन मुक्त बनाने के लिए छात्रों को प्रेरित किया। इस सत्र में विद्यालय के समस्त स्टाफ सदस्य और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे, जिन्होंने प्लास्टिक मुक्त परिसर के संकल्प को दोहराया।
