संभल: स्कूल का छज्जा गिरा, 8 वर्षीय छात्र की मौत, दो घायल
संभल में 80वें स्वतंत्रता दिवस का उत्सव मातम में बदल गया जब एक निजी स्कूल का छज्जा गिर गया। हादसे में 8 वर्षीय छात्र निजामम की मौत हो गई, जबकि दो अन्य घायल हो गए।

द क्लिफ न्यूज़ | संभल | 15 अगस्त 2026
उत्तर प्रदेश के संभल जिले में 80वें स्वतंत्रता दिवस के उल्लासपूर्ण अवसर पर एक हृदय विदारक घटना घटी। असमोली थाना क्षेत्र के मदाला फतेहपुर गांव स्थित अल हसनैन पब्लिक स्कूल में ध्वजारोहण कार्यक्रम के दौरान स्कूल के मुख्य गेट पर बना छज्जा अचानक ढह गया। इस भीषण हादसे में एक 8 वर्षीय छात्र निजामम की दुखद मृत्यु हो गई, जबकि दो अन्य बच्चे, 11 वर्षीय सैफ अली और 10 वर्षीय शैदाना, घायल हो गए। घटना ने स्वतंत्रता दिवस पर खुशी के माहौल को मातम में बदल दिया और स्कूल परिसर में अफरा-तफरी मच गई।
यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना तब हुई जब स्कूल में ध्वजारोहण समारोह संपन्न होने के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम चल रहे थे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थी, उनके अभिभावक और आसपास के ग्रामीणों की उपस्थिति थी। बच्चों की प्रस्तुतियां चल रही थीं और दर्शक उन्हें बड़े उत्साह से देख रहे थे।
छज्जे पर बढ़े बच्चों के कारण हुआ हादसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सांस्कृतिक कार्यक्रम का आनंद लेते हुए कुछ बच्चे स्कूल के मुख्य द्वार पर बने लोहे के छज्जे के ऊपर चढ़ गए थे। अनुमान है कि छज्जे पर बच्चों की संख्या अधिक होने के कारण उस पर अतिरिक्त भार आ गया, जिसके चलते छज्जे का एक हिस्सा अचानक टूटकर नीचे गिर गया। इस अचानक हुई दुर्घटना से कार्यक्रम स्थल पर चीख-पुकार मच गई।
जैसे ही छज्जा गिरा, मलबे के नीचे तीन बच्चे दब गए। घटना के तुरंत बाद, मौके पर मौजूद ग्रामीणों और अन्य लोगों ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद मलबे में दबे तीनों बच्चों को बाहर निकाला गया। उन्हें अविलंब उपचार के लिए निकटतम अस्पताल ले जाया गया। चिकित्सकों ने गहन जांच के उपरांत 8 वर्षीय निजामम को मृत घोषित कर दिया, जबकि अन्य दोनों घायल बच्चों का उपचार जारी है।
निजामम की मृत्यु की खबर मिलते ही उसके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। जिस स्कूल में कुछ घंटे पहले ही राष्ट्रध्वज फहराकर देश के स्वतंत्रता दिवस का जश्न मनाया जा रहा था, वह स्थान अब शोक में डूब गया।
प्रशासनिक अमले की तत्परता और जांच
सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। एसडीएम विकास चंद्र, सीओ असमोली अमन सिंह और थाना प्रभारी सुधीर पंवार ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और राहत-बचाव कार्यों का जायजा लिया। बाद में, जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल, पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई और बेसिक शिक्षा अधिकारी अलका शर्मा भी घटनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने न केवल घटना की परिस्थितियों की विस्तृत जानकारी ली, बल्कि उन्होंने मृतक छात्र के शोकाकुल परिवार से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की और हर संभव सहायता का आश्वासन भी दिया।
प्रशासन द्वारा की गई शुरुआती जांच में यह तथ्य सामने आया है कि अल हसनैन पब्लिक स्कूल एक प्राथमिक स्तर का विद्यालय है। अधिकारियों ने बताया कि कार्यक्रम को देखने के लिए कुछ बच्चे छज्जे के ऊपर चढ़ गए थे, और उनकी अधिक संख्या के कारण छज्जे पर भार बढ़ गया, जिससे वह टूट गया।
भवन की आयु और संभावित कारण
पुलिस अधीक्षक के अनुसार, स्कूल की इमारत लगभग 19 से 20 वर्ष पुरानी बताई जा रही है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह हादसा केवल छज्जे पर पड़े अतिरिक्त भार के कारण हुआ, या फिर भवन निर्माण की गुणवत्ता, रखरखाव में कमी या संरचनात्मक कमजोरी भी इसके लिए जिम्मेदार थी। इन सभी पहलुओं की विस्तृत जांच की जा रही है।
प्रशासन ने इस घटना को अत्यंत गंभीरता से लिया है और मामले के कारणों की गहन जांच शुरू कर दी है। जांच के दायरे में स्कूल भवन की वर्तमान स्थिति, छज्जे की संरचनात्मक मजबूती, और कार्यक्रम के दौरान अपनाई गई सुरक्षा व्यवस्था जैसे विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं को शामिल किया गया है।
सुरक्षा और ढांचागत ढांचों पर उठे सवाल
जहां एक ओर पूरे देश में 79वें स्वतंत्रता दिवस पर देशभक्ति और उल्लास का माहौल था, वहीं संभल की इस घटना ने एक परिवार की खुशियां हमेशा के लिए छीन लीं। इस दुर्घटना ने एक बार फिर बच्चों की सुरक्षा और विद्यालयों जैसे सार्वजनिक भवनों के ढांचागत सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रशासनिक जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इस दुखद हादसे के लिए कौन से कारक उत्तरदायी थे और क्या किसी स्तर पर कोई लापरवाही बरती गई थी। फिलहाल, पुलिस और प्रशासनिक दल घटना की पड़ताल में जुटे हुए हैं, और पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है।
