सनातन की रक्षा हेतु पदयात्रा दूधेश्वरनाथ पहुंची, मक्का में शिव-पूजा की कामना
यति नरसिंहानंद गिरी के नेतृत्व में 'हिंदू जागो, घर बेटी अस्तित्व बचाओ' पदयात्रा दूधेश्वरनाथ मठ पहुंची। इसका उद्देश्य सनातन की रक्षा हेतु महादेव से शक्ति मांगना है।

द क्लिफ न्यूज़ | गाजियाबाद | 15 सितंबर 2026
महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी के नेतृत्व में 'हिंदू जागो, घर बेटी अस्तित्व बचाओ' पदयात्रा गाजियाबाद के ऐतिहासिक दूधेश्वरनाथ महादेव मंदिर पहुंची। मां गंगा का जल लेकर शिवशक्ति धाम डासना से चली इस पदयात्रा का उद्देश्य देवाधिदेव भगवान शिव और जगदजननी मां जगदम्बा से हिंदुओं के लिए भक्ति, सद्बुद्धि, शक्ति और विजय की कामना करना है, साथ ही सनातन धर्म के शत्रुओं के विनाश के लिए प्रार्थना करना है।
यह पदयात्रा 12 सितंबर 2026 को गढ़मुक्तेश्वर के बृजघाट से शुरू हुई थी। महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी के शिष्य यति महादेवानंद गिरि अपने साथियों के साथ मां गंगा के तट से गंगाजल लेकर निकले थे। रात्रि विश्राम शिवशक्ति धाम डासना में करने के बाद, यह यात्रा गाजियाबाद स्थित दूधेश्वरनाथ मठ पहुंची, जहाँ गंगाजल को महादेव शिव को समर्पित किया गया।
संतों का अभिनंदन और आशीर्वाद
दूधेश्वरनाथ मठ के पीठाधीश्वर और श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़े के अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता श्रीमहंत स्वामी नारायण गिरी महाराज ने पदयात्रियों को आशीर्वाद प्रदान किया और उनकी मनोकामनाएं पूर्ण होने की कामना की। उन्होंने सभी पदयात्रियों को गणपति पूजन के लिए आमंत्रित भी किया। आज दूधेश्वरनाथ मठ में इस यात्रा का भव्य स्वागत किया गया, जिसमें विभिन्न सामाजिक और गणमान्य नागरिक शामिल हुए। स्वागत करने वालों में अनिल यादव, अंकित वर्मा, अजय झा, डॉ. ममता त्यागी, डॉ. संध्या कौशिक, मधु त्यागी, रीना त्यागी, पलक गुप्ता सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित थे।
महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी महाराज और महामंडलेश्वर यति मां प्रत्यंगिरा गिरी भी इस अवसर पर दूधेश्वरनाथ मंदिर में उपस्थित रहे और पदयात्रियों को आशीर्वाद दिया। पदयात्रियों में यति महादेवानंद गिरि के साथ स्वामी राम विशाल दास, स्वामी माधव गिरी, स्वामी अभिराम दास, स्वामी दिलीप महाराज, साध्वी दीपिका मिश्रा, मोहित बजरंगी, रोहित गुर्जर, गजेंद्र त्यागी और बड़ी संख्या में भक्तगण शामिल थे।
सनातन के भविष्य पर चिंता और आह्वान
इस यात्रा के संदर्भ में महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी महाराज ने कहा कि सभी राजनीतिक दलों को आजमाया जा चुका है और यह तय हो गया है कि ये राजनीति करने वाले किसी के सगे नहीं हैं। ऐसे में अब केवल देवाधिदेव भगवान महादेव शिव और जगदजननी मां जगदम्बा ही हिंदुओं को मार्ग दिखा सकती हैं। इसी उद्देश्य से यह यात्रा विभिन्न मंदिरों में गंगाजल अर्पित कर प्रार्थना कर रही है।
उन्होंने बताया कि दूधेश्वरनाथ मंदिर में अर्पित गंगाजल के माध्यम से महादेव से प्रार्थना की जाएगी कि वे हिंदुओं को अपनी भक्ति, सद्बुद्धि, शक्ति और विजय प्रदान करें और सनातन धर्म के शत्रुओं का समूल विनाश करें। यति नरसिंहानंद गिरी ने आशा व्यक्त की कि उनके शिष्य एक दिन मक्का में भी इसी तरह महादेव पर गंगाजल चढ़ा सकेंगे।
जनसंख्या वृद्धि का मुद्दा
महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी ने इस पदयात्रा के एक महत्वपूर्ण उद्देश्य पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इस यात्रा के माध्यम से उनके शिष्य हिंदू समाज को अधिक से अधिक बच्चे पैदा करने के लिए प्रेरित करेंगे। उनका मानना है कि अधिक बच्चे पैदा किए बिना हिंदुओं का अस्तित्व नहीं बच सकता। यह पदयात्रा हिंदुओं को जनसंख्या वृद्धि के महत्व को समझाने का कार्य करेगी, जो उनके अनुसार सनातन धर्म के भविष्य के लिए अत्यंत आवश्यक है।
