समाजवादी पार्टी में FIR पर नाराजगी, युवा नेताओं को निशाना बनाने का आरोप
फर्रुखाबाद में समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला फूंकने के मामले में दर्ज FIR पर रोष जताया। उन्होंने केवल युवा नेताओं को...

फर्रुखाबाद | संवाददाता: संदीप तिवारी
द क्लिफ न्यूज़ | फर्रुखाबाद | 9 अक्टूबर 2026
फर्रुखाबाद में समाजवादी पार्टी के जिला कार्यालय पर आयोजित एक बैठक के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला फूंकने के संबंध में दर्ज की गई प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) पर गहरा असंतोष व्यक्त किया है। जिलाध्यक्ष चंद्रपाल सिंह यादव की मौजूदगी में हुई इस बैठक में कार्यकर्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि पुतला दहन का निर्णय एक सामूहिक फैसला था, जिसमें पार्टी के कई वरिष्ठ नेता भी शामिल थे। इसके बावजूद, प्राथमिकी में केवल युवा नेताओं के नाम दर्ज किए जाने पर आपत्ति जताई गई है।
बैठक में उपस्थित कार्यकर्ताओं ने तर्क दिया कि यदि कोई कार्रवाई की जानी है, तो वह समान रूप से सभी के लिए होनी चाहिए। उन्होंने इस बात पर चिंता जताई कि प्रदर्शन में वरिष्ठ नेताओं की भागीदारी के बावजूद, पुलिस प्रशासन द्वारा केवल युवाओं को ही निशाना बनाया जा रहा है। इसे युवा कार्यकर्ताओं का मनोबल गिराने वाला कदम बताते हुए, उन्होंने पुलिस प्रशासन से समान दृष्टिकोण अपनाने की मांग की।
FIR में नाम शामिल करने पर आपत्ति
कार्यकर्ताओं ने इस बात पर भी सवाल उठाया कि जब सामूहिक रूप से निर्णय लिया गया था, तो केवल कुछ युवाओं के नाम एफआईआर में क्यों दर्ज किए गए। उनका मानना है कि ऐसे में निष्पक्षता का अभाव है। इस मुद्दे को लेकर पार्टी के भीतर भी बहस छिड़ गई है, जिससे कार्यकर्ताओं के बीच आक्रोश की स्थिति बनी हुई है।
पुलिस अधीक्षक से मुलाकात का निर्णय
बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि समाजवादी पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल पुलिस अधीक्षक आरती सिंह से मुलाकात करेगा। यह प्रतिनिधिमंडल प्राथमिकी में दर्ज नामों पर अपनी आपत्ति दर्ज कराएगा और मामले में निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग करेगा। इस मुलाकात से पहले, पार्टी कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई कार्रवाई हुई है, तो उसमें पूर्ण निष्पक्षता अनिवार्य है।
इस कार्यक्रम में पूर्व विधायक उर्मिला राजपूत, पूर्व मंत्री सर्वेश अम्बेडकर और पूर्व राष्ट्रीय सचिव विवेक यादव सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी भी उपस्थित रहे। कांसीराम के परिनिर्माण दिवस के आयोजन के साथ-साथ, बैठक में मुख्य चर्चा इसी कानूनी विवाद पर केंद्रित रही। अब सभी की निगाहें पुलिस अधीक्षक के साथ होने वाली आगामी बैठक पर टिकी हैं, जहां पार्टी अपनी स्थिति को मजबूती से रखेगी।
