BREAKING
Revolutionary climate technology breakthrough announced • Championship finals draw record 150M+ viewers • Global markets surge following policy changes • New discovery in quantum computing promises faster processors
The Cliff News
Regional

सलोनी सक्सेना का राष्ट्रीय एकता शिविर में चयन, पर्यावरणविद की पुण्यतिथि पर आयोजन

नरसिंहगढ़ की सलोनी सक्सेना का राष्ट्रीय युवा योजना के 'यूथ रिजुवेनेशन एंड नेशनल इंटीग्रेशन कैंप' में चयन हुआ है। यह 25-27 अक्टूबर 2026 तक विदिशा...

Few hours ago
3 मिनट में पढ़ें
•संवाददाता: महेंद्र शर्मा
सलोनी सक्सेना का राष्ट्रीय एकता शिविर में चयन, पर्यावरणविद की पुण्यतिथि पर आयोजन

नरसिंहगढ़ | संवाददाता: महेंद्र शर्मा

द क्लिफ न्यूज़ | नरसिंहगढ़ | 27 अक्टूबर 2026

मध्य प्रदेश के नरसिंहगढ़ ब्लॉक के आन्दलहेड़ा गांव की निवासी सलोनी सक्सेना का राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित 'यूथ रिजुवेनेशन एंड नेशनल इंटीग्रेशन कैंप 2026' के लिए चयन किया गया है। यह तीन दिवसीय शिविर राष्ट्रीय युवा योजना द्वारा आयोजित किया जा रहा है, जो पर्यावरणविद और गांधीवादी चिंतक डॉ. एस. एन. सुब्बा राव, जिन्हें 'भाईजी' के नाम से भी जाना जाता है, की पांचवीं पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में आयोजित हो रहा है। भाईजी का पूरा जीवन शांति, अहिंसा और सामाजिक समरसता के प्रसार के लिए समर्पित रहा, और यह शिविर उन्हीं के आदर्शों को युवाओं तक पहुंचाने का एक प्रयास है।

यह महत्वपूर्ण राष्ट्रीय एकता शिविर 25 से 27 अक्टूबर 2026 तक विदिशा के सेंट मैरी पोस्ट-ग्रेजुएट कॉलेज में संपन्न हुआ। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य देश के युवाओं के बीच 'अनेकता में एकता', शांति, अहिंसा और भाईचारे के संदेश को बढ़ावा देना है। इस राष्ट्रीय मंच पर देश के विभिन्न राज्यों से चयनित युवा प्रतिभागी भाग ले रहे हैं, जिनमें सलोनी सक्सेना भी शामिल हैं। सलोनी के इस चयन से आन्दलहेड़ा गांव और पूरे नरसिंहगढ़ क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई है। यह उपलब्धि क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी, जो दर्शाती है कि समर्पण और कड़ी मेहनत से राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई जा सकती है।

राष्ट्रीय शिविर में गांधीवादी मूल्यों पर जोर

यह शिविर युवाओं को गांधीवादी विचारधारा, सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता के महत्व को समझने का एक अनूठा अवसर प्रदान करेगा। डॉ. एस. एन. सुब्बा राव, जिन्हें प्यार से 'भाईजी' कहा जाता था, एक प्रख्यात पर्यावरणविद और गांधीवादी विचारक थे जिन्होंने अपना जीवन समाज सेवा, पर्यावरण संरक्षण और शांति के संदेश को फैलाने में समर्पित कर दिया। उनकी स्मृति में आयोजित यह शिविर युवाओं को उनके जीवन दर्शन से परिचित कराएगा। सलोनी सक्सेना का इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय आयोजन के लिए चुना जाना उनके क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है। आयोजन समिति ने शिविर के सुचारू संचालन के लिए अपनी सभी तैयारियां पूरी कर ली थीं, और अब देश भर से आए युवा एक मंच पर आकर शांति और भाईचारे का संदेश फैला चुके हैं।

विविधता में एकता का उत्सव

शिविर का एक प्रमुख आकर्षण देश के विभिन्न कोनों से आए युवाओं का एक साथ आना था। यह मिलनसारिता और सांस्कृतिक आदान-प्रदान का एक उत्कृष्ट मंच साबित हुआ, जहाँ युवाओं ने एक-दूसरे की परंपराओं, भाषाओं और जीवन शैलियों को समझा। इस प्रकार की गतिविधियाँ न केवल समझ को गहरा करती हैं बल्कि राष्ट्रीय एकता की भावना को भी मजबूत करती हैं। 'अनेकता में एकता' केवल एक नारा नहीं, बल्कि भारतीय समाज का मूल आधार है, और इस शिविर ने इसे जीवंत रूप से प्रदर्शित किया। विभिन्न सामाजिक और आर्थिक पृष्ठभूमि के युवा एक सामान्य उद्देश्य के लिए एक साथ आए, जो कि राष्ट्र निर्माण में युवाओं की सक्रिय भूमिका का प्रतीक है।

भाईजी का अमिट योगदान

डॉ. एस. एन. सुब्बा राव 'भाईजी' ने अपना जीवन समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान, पर्यावरण संतुलन और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के सिद्धांतों के प्रचार-प्रसार में लगा दिया। उन्होंने अपने कार्यों से अनगिनत लोगों को प्रेरित किया और आज भी उनके विचार प्रासंगिक हैं। उनकी पांचवीं पुण्यतिथि पर आयोजित यह राष्ट्रीय शिविर उनके विचारों और आदर्शों को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बना। शिविर के दौरान विभिन्न सत्रों में उनके जीवन और कार्यों पर चर्चा की गई, जिसने प्रतिभागियों को गहरी प्रेरणा दी।

संबंधित समाचार