साइबर ठगी पर एमपी पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 25 लाख से अधिक ठगे
मध्य प्रदेश पुलिस ने म्यूल खातों, निवेश धोखाधड़ी और अंतर्राज्यीय साइबर फ्रॉड नेटवर्क के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई की है। कई आरोपी गिरफ्तार, लाखों की ठगी का पर्दाफाश।

द क्लिफ न्यूज़ | भोपाल | 19 सितंबर 2026
मध्य प्रदेश पुलिस ने साइबर अपराधों और ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी के खिलाफ अपनी कमर कस ली है। विगत दो दिनों में प्रदेश के विभिन्न जिलों और राज्य साइबर पुलिस द्वारा की गई ताबड़तोड़ कार्रवाइयों ने म्यूल बैंक खातों, शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर की जाने वाली ठगी और अंतर्राज्यीय साइबर फ्रॉड नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। इन अभियानों के तहत कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और उनके पास से भारी मात्रा में बैंकिंग दस्तावेज, एटीएम कार्ड, चेकबुक, क्यूआर कोड, मोबाइल फोन और लैपटॉप बरामद किए गए हैं।
इन कार्रवाइयों का उद्देश्य नागरिकों को ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाना और अवैध वित्तीय लेन-देन के नेटवर्क को तोड़ना है। पुलिस मुख्यालय, भोपाल से जारी एक विज्ञप्ति में बताया गया है कि ये अभियान साइबर अपराधों की बढ़ती घटनाओं और जनता को हो रहे वित्तीय नुकसान पर अंकुश लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं।
म्यूल खातों के खेल का खुलासा, 25 लाख का लेन-देन जब्त
नरसिंहपुर जिले में पुलिस ने म्यूल खातों के माध्यम से अनधिकृत लेन-देन करने वाले दो आरोपियों को दबोचा है। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि इन आरोपियों ने कर्नाटक, गुजरात, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और दिल्ली जैसे राज्यों में सक्रिय रहकर करीब 25 लाख रुपये के वित्तीय लेन-देन को अंजाम दिया था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो मोबाइल फोन, तीन पासबुक और चार एटीएम कार्ड जब्त किए हैं, जिनसे इन अनधिकृत लेन-देनों को अंजाम दिया जाता था। म्यूल खाते वे खाते होते हैं जिनका उपयोग धोखाधड़ी करने वाले अपनी असली पहचान छिपाने और अवैध धन को इधर-उधर करने के लिए करते हैं।
निवेश के नाम पर ठगी, गुजरात से गिरोह का पर्दाफाश
इसी क्रम में, खरगोन जिले में पुलिस ने शेयर मार्केट में निवेश पर भारी मुनाफे का झांसा देकर ठगी करने वाले एक अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। गुजरात से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों ने व्हाट्सएप के माध्यम से फरियादी से संपर्क साधा था और एक डमी एप्लीकेशन के जरिए शेयर ट्रेडिंग कराने का विश्वास दिलाया था। इसके बाद, उन्होंने फरियादी को ठग लिया। पुलिस ने इस मामले में ठगी से अर्जित की गई 10 लाख 95 हजार रुपये की राशि को भी बरामद कर लिया है, जो इस गिरोह द्वारा की गई ठगी का एक हिस्सा है।
साइबर फ्रॉड नेटवर्क का खुलासा, 250 से अधिक खातों की जानकारी साझा
इंदौर में 'ऑपरेशन मैट्रिक्स' के तहत एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया गया है। पुलिस ने साइबर फ्रॉड के लिए बैंक खातों का अंतर्राज्यीय नेटवर्क संचालित करने वाले मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि इन आरोपियों ने 250 से अधिक बैंक खातों की जानकारी साइबर ठगों के साथ साझा की थी। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 21 बैंक पासबुक, 08 एटीएम कार्ड, 20 चेकबुक, 07 क्यूआर कोड और 01 लैपटॉप बरामद किया है, जिनका उपयोग इस नेटवर्क को संचालित करने में किया जा रहा था। यह कार्रवाई साइबर ठगी के पारिस्थितिकी तंत्र को बाधित करने में अहम साबित हो सकती है।
21 करोड़ की ठगी का आरोपी छत्तीसगढ़ से गिरफ्तार, कंबोडिया से कनेक्शन की आशंका
ग्वालियर में राज्य साइबर पुलिस ने 21 करोड़ रुपये से अधिक की ट्रेडिंग ठगी के मामले में आठवें आरोपी को छत्तीसगढ़ के कबीरधाम से गिरफ्तार किया है। इस मामले में पहले ही सात आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपियों ने 'Tradecboeus' नामक एक फर्जी वेब प्लेटफॉर्म तैयार किया था। इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से वे निवेश पर अत्यधिक लाभ का झांसा देते थे और लोगों को फर्जी प्लेटफॉर्म पर निवेश बढ़ाने के लिए प्रेरित करते थे। एक आरोपी के बैंक खाते का उपयोग तीन राज्यों में साइबर फ्रॉड से संबंधित लेन-देन में पाया गया था, जिसके आधार पर उसका खाता फ्रीज किया गया था। मोबाइल की जांच में कंबोडिया के कंट्री कोड वाले नंबर से व्हाट्सएप चैट के प्रमाण भी मिले हैं, जो इस गिरोह के अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की ओर इशारा करते हैं। विवेचना में यह भी जानकारी सामने आई है कि आरोपियों ने फर्जी कंपनी के नाम पर करंट अकाउंट खुलवाकर साइबर फ्रॉड में उनका उपयोग किया। आरोपी के भाई के बैंक खाते में फरियादी से ठगी गई राशि का प्रथम लेयर में 25 लाख रुपये का लेन-देन पाया गया है। आरोपी को पुलिस रिमांड पर लेकर उससे ठगी की गई राशि और अन्य फरार आरोपियों के बारे में पूछताछ की जा रही है।
नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी
मध्य प्रदेश पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने बैंक खाता, एटीएम कार्ड, पासबुक, चेकबुक या किसी अन्य बैंकिंग साधनों के प्रति अत्यधिक सावधानी बरतें। किसी भी अनजान व्यक्ति को इन जानकारियों या साधनों का उपयोग न करने दें। इसके अलावा, शेयर बाजार में निवेश करने वाले नागरिकों से आग्रह किया गया है कि वे केवल भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के अधीन पंजीकृत संस्थानों और अधिकृत माध्यमों का ही उपयोग करें ताकि वे किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी से बच सकें।
