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साइबर ठगी के 27 हजार लौटे, चील्ह पुलिस की तत्परता का सराहनीय कार्य

मीरजापुर में साइबर सेल ने व्हाट्सएप लिंक के जरिए ठगे गए 27 हजार रुपये पीड़ित नन्हेलाल यादव के खाते में वापस कराए। पीड़ित ने पुलिस...

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संवाददाता: शशि भूषण कंचनीय
साइबर ठगी के 27 हजार लौटे, चील्ह पुलिस की तत्परता का सराहनीय कार्य

द क्लिफ न्यूज़ डेस्क | संवाददाता: शशि भूषण कंचनीय

द क्लिफ न्यूज़ | मीरजापुर | 14 सितंबर 2026

उत्तर प्रदेश के मीरजापुर जिले में चील्ह थाना स्थित साइबर सेल टीम ने साइबर ठगी के एक मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़ित की पूरी रकम वापस दिलाने में सफलता प्राप्त की है। स्थानीय निवासी नन्हेलाल यादव के साथ व्हाट्सएप पर आए एक संदिग्ध लिंक के माध्यम से 27 हजार रुपये की ठगी हुई थी। इस घटना के बाद पीड़ित ने छह फरवरी 2026 को एनसीआरपी पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज कराई थी।

साइबर ठगी की यह घटना लोगों के लिए एक गंभीर चेतावनी है, जो दर्शाती है कि किस प्रकार ऑनलाइन धोखाधड़ी करने वाले अपनी पहुंच बना सकते हैं। नन्हेलाल यादव के मामले में, एक साधारण सा व्हाट्सएप लिंक उनके लिए एक बड़ी वित्तीय समस्या का कारण बन गया। यह घटना साइबर सुरक्षा के महत्व और ऑनलाइन खतरों के प्रति जागरूकता की आवश्यकता को रेखांकित करती है।

पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक के निर्देशन में, वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में चील्ह साइबर सेल टीम ने मामले की गहन जांच शुरू की। पुलिस की तत्परता के कारण ठगी गई धनराशि को अवरुद्ध (होल्ड) करने में सफलता मिली। आवश्यक कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद, न्यायालय के आदेश के अनुपालन में, पूरी 27 हजार रुपये की राशि पीड़ित नन्हेलाल यादव के बैंक खाते में वापस जमा करा दी गई। यह कार्रवाई साइबर सेल की कार्यक्षमता और जनता की सुरक्षा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का प्रमाण है।

न्यायालय के आदेश के बाद लौटी धनराशि

चील्ह थाने की साइबर सेल टीम द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई के परिणामस्वरूप, नन्हेलाल यादव को उनके 27 हजार रुपये वापस मिल गए। यह पूरी प्रक्रिया छह फरवरी 2026 को एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत दर्ज होने के बाद शुरू हुई। पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक ने स्वयं इस मामले की प्रगति पर कड़ी नजर रखी और सुनिश्चित किया कि सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन हो। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशानुसार, साइबर सेल के अधिकारियों ने विशेष ध्यान देते हुए धोखाधड़ी की गई राशि को होल्ड करवाया। इस पूरी प्रक्रिया को सफलतापूर्वक संपन्न करने में न्यायालय के आदेश का पालन महत्वपूर्ण रहा, जिसके तहत धनराशि पीड़ित के खाते में पुनः जमा की गई।

पीड़ित ने पुलिस का जताया आभार

अपनी मेहनत की कमाई वापस मिलने पर नन्हेलाल यादव ने मीरजापुर के चील्ह थाने पहुंचकर पुलिस टीम के प्रति अपना गहरा आभार व्यक्त किया। उन्होंने पुलिस की त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की सराहना की, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान से बचाया जा सका। यादव ने कहा कि उन्हें अपनी जमा-पूंजी वापस मिलने की उम्मीद कम ही थी, लेकिन पुलिस की तत्परता ने उनकी उम्मीद को हकीकत में बदला। उन्होंने विशेष रूप से साइबर सेल की टीम को धन्यवाद दिया।

साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता का संदेश

इस अवसर पर साइबर सेल के निरीक्षक भरत उपाध्याय, उपनिरीक्षक मनोज सिंह और महिला आरक्षी सोनाली पाण्डेय ने पीड़ित नन्हेलाल यादव को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान या संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें और साइबर अपराधों के प्रति सदैव सतर्क रहें। साइबर सेल टीम ने बताया कि इस तरह की धोखाधड़ी से बचने के लिए कुछ महत्वपूर्ण कदम उठाए जा सकते हैं, जैसे कि अपनी व्यक्तिगत जानकारी को ऑनलाइन साझा न करना, किसी भी अप्रत्याशित संदेश या प्रस्तावों पर आंख मूंदकर विश्वास न करना और यदि कोई संदेह हो तो तुरंत पुलिस से संपर्क करना। पुलिस टीम की इस सफल कार्रवाई की स्थानीय स्तर पर काफी प्रशंसा हो रही है, जो अन्य पीड़ितों के लिए भी आशा की किरण है।