सहारनपुर कलेक्ट्रेट में मस्जिद पर चला बुलडोजर, सपा सांसद नजरबंद
सहारनपुर कलेक्ट्रेट में मस्जिद के हिस्से को हटाने की कार्रवाई जारी है। न्यायिक आदेश पर छह बुलडोजर से विध्वंस हो रहा है। सपा सांसद इकरा हसन नजरबंद।

द क्लिफ न्यूज़ | सहारनपुर | 5 सितंबर 2026
सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित एक मस्जिद को हटाने की प्रशासनिक कार्रवाई शनिवार तड़के लगभग 4 बजे शुरू हुई। जिला प्रशासन द्वारा की जा रही इस कार्रवाई में छह बुलडोजरों का इस्तेमाल किया जा रहा है और मस्जिद का एक हिस्सा ध्वस्त कर दिया गया है। वर्तमान में मस्जिद के शेष ढांचे को हटाने की प्रक्रिया जारी है।
इस कार्रवाई के मद्देनजर, कलेक्ट्रेट परिसर के सभी पांचों प्रवेश द्वारों को सील कर दिया गया है। किसी भी बाहरी व्यक्ति को परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं है। रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) सहित भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है, जिससे क्षेत्र में कड़ा सुरक्षा घेरा बना हुआ है।
न्यायिक आदेश के बाद प्रशासनिक कदम
यह विध्वंस कार्रवाई जिला जज की अदालत द्वारा 4 सितंबर को दिए गए फैसले के बाद की गई है। अदालत ने मस्जिद पक्ष द्वारा दायर की गई अपील को खारिज कर दिया था और पहले के एक आदेश को बरकरार रखा था, जिसमें संबंधित भूमि को सरकारी संपत्ति घोषित किया गया था। इस फैसले ने मस्जिद हटाने के प्रशासन के कदम को कानूनी आधार प्रदान किया।
यह विध्वंस केवल आज सुबह से शुरू नहीं हुआ है, बल्कि इसकी जड़ें पिछली अदालती कार्रवाइयों में हैं। इससे पहले, जुलाई माह में सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत ने कलेक्ट्रेट परिसर की जमीन पर हुए अवैध निर्माण को हटाने का आदेश दिया था। उस आदेश में निर्माण हटाने के साथ-साथ ₹6.41 करोड़ से अधिक की क्षतिपूर्ति राशि भी निर्धारित की गई थी। यह क्षतिपूर्ति राशि निर्माण के कारण हुए सरकारी नुकसान के आकलन पर आधारित थी।
सपा सांसद इकरा हसन नजरबंद
प्रशासनिक कार्रवाई के बीच, कैराना से समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन को सहारनपुर पहुंचने से पहले ही उनके आवास पर नजरबंद कर दिए जाने की खबर है। यह कदम संभवतः किसी भी संभावित विरोध या हस्तक्षेप को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है। कलेक्ट्रेट और आसपास के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था अत्यधिक कड़ी कर दी गई है। स्थानीय प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए यह सुनिश्चित किया है कि किसी भी बाहरी तत्व को अशांति फैलाने का मौका न मिले।
वर्तमान स्थिति यह है कि छह बुलडोजर मौके पर तैनात हैं और मस्जिद के बचे हुए हिस्से को हटाने का काम जारी है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी कलेक्ट्रेट परिसर की घेराबंदी कर स्थिति पर बारीकी से नजर रखे हुए हैं। इस पूरे मामले में न्यायिक प्रक्रिया का पालन किया गया है, जिसके तहत जिला जज की अदालत ने सरकारी भूमि के दावे को पुष्ट किया है।
