सहकारिता के जनक बैरिस्टर बृजनंदन लाल की 134वीं जयंती आज
फर्रुखाबाद में 25 अक्टूबर को सहकारिता के प्रणेता बैरिस्टर बाबू बृजनंदन लाल की 134वीं जयंती मनाई जाएगी। इस अवसर पर उनके सामाजिक और सहकारिता के...

फर्रुखाबाद | संवाददाता: संदीप तिवारी
द क्लिफ न्यूज़ | फर्रुखाबाद | 24 अक्टूबर 2026
सहकारिता के प्रणेता और समाज सुधारक बैरिस्टर बाबू बृजनंदन लाल की 134वीं जयंती 25 अक्टूबर को फर्रुखाबाद में श्रद्धापूर्वक मनाई जाएगी। इस ऐतिहासिक अवसर पर उनके अतुलनीय योगदान को याद करने के लिए एक भव्य समारोह का आयोजन किया जाएगा। इस आयोजन की तैयारियों को लेकर बढ़पुर स्थित उत्सव भवन गेस्ट हाउस में एक प्रेस वार्ता आयोजित की गई, जहाँ संगठन के पदाधिकारियों ने विस्तार से जानकारी साझा की।
फर्रुखाबाद के बढ़पुर में जन्मे बैरिस्टर बाबू बृजनंदन लाल ने ब्रिटिश शासन काल में किसानों के अधिकारों की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण संघर्ष किया। उन्होंने सहकारिता बैंक की स्थापना कर किसानों को सस्ती दरों पर ऋण उपलब्ध कराने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम उठाया था। इसके अतिरिक्त, किसानों पर थोपे गए भारी लगान और मालगुजारी को कम कराने में उनकी भूमिका अत्यंत सराहनीय रही।
शिक्षा और जनसेवा के प्रति समर्पण
बाबू बृजनंदन लाल का शिक्षा और जनसेवा के प्रति समर्पण अनुकरणीय था। विधान परिषद सदस्य के रूप में उन्होंने बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए हर स्तर पर सरकारी महिला विद्यालय खोलने के प्रस्ताव पारित करवाए। उन्होंने क्रिश्चियन इंटर कॉलेज और मिशन अस्पताल के लिए अपनी निजी भूमि दान कर सामाजिक सरोकारों का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया। इसके अलावा, बढ़पुर में शीतला माता मंदिर का भव्य निर्माण और ट्रस्ट का गठन उनके सामाजिक सरोकारों की गहराई को दर्शाता है।
इंग्लैंड में पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के साथ शिक्षा ग्रहण करने वाले बाबू बृजनंदन लाल ने बढ़पुर ब्लॉक सहित कई सरकारी भवनों के निर्माण के लिए भी अपनी जमीन आवंटित की थी। उनके विचार और कार्य आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
जयंती समारोह की तैयारी
प्रेस वार्ता में संगठन के अध्यक्ष आदित्य कटियार, उपाध्यक्ष अंशुल सिंह, कोषाध्यक्ष विभव जी लाल, अंकुर कटियार, रजत कुमार, राजेश सैनी, सचिन कटियार, विधिक सलाहकार हरवीर यादव और धर्मेंद्र कनौजिया सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे। सभी ने जयंती समारोह को सफल बनाने के लिए अपनी-अपनी विस्तृत योजनाओं को प्रस्तुत किया। समारोह में उनके ऐतिहासिक कार्यों को याद करने के साथ-साथ सहकारिता के भविष्य पर भी चर्चा की जाएगी।
