सागर: संदिग्ध जहरीली शराब से 9 की मौत, 25 से अधिक रेफर
मध्य प्रदेश के सागर जिले के बंडा क्षेत्र में जहरीली शराब पीने से 9 लोगों की मौत हो गई है। 25 से अधिक लोगों का इलाज जारी है। प्रशासन ने जांच शुरू की और लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।

द क्लिफ न्यूज़ | सागर | 6 सितंबर 2026
मध्य प्रदेश के सागर जिले के बंडा क्षेत्र में संदिग्ध जहरीली शराब के सेवन से हुई मौतों ने प्रशासन में हड़कंप मचा दिया है। रविवार को सामने आई इस घटना में अब तक नौ लोगों की मृत्यु की आधिकारिक पुष्टि हो चुकी है, जबकि २५ से अधिक लोगों को गंभीर हालत में उपचार के लिए सागर रेफर किया गया है। प्रारंभिक सूचनाओं के अनुसार, मरने वालों का आंकड़ा दस से बारह तक भी पहुंच सकता है, जिसका अंतिम निर्धारण प्रशासनिक जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हो पाएगा।
यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना बंडा अनुविभाग के घूघरा/घूघर, नौराज, बराज और आसपास के गांवों में तब हुई जब शनिवार रात को कुछ लोगों ने कथित तौर पर शराब का सेवन किया था। इसके कुछ ही घंटों बाद, प्रभावित लोगों की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। स्थानीय परिजन बीमार लोगों को तत्काल बंडा सिविल अस्पताल ले गए, जहां कुछ को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। बीमारों में कई की हालत अत्यंत गंभीर बताई जा रही है, जिनमें शरीर नीला पड़ना और अकड़न जैसे लक्षण देखे गए हैं। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, प्रशासन ने प्रभावित गांवों में घर-घर जाकर शराब पीने वाले अन्य लोगों की पहचान और स्वास्थ्य जांच के लिए एक विशेष स्क्रीनिंग अभियान शुरू किया है।
गंभीर रूप से बीमार मरीजों को सागर किया गया रेफर
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, बंडा क्षेत्र से बड़ी संख्या में मरीजों को बेहतर और विशेष चिकित्सा सुविधा के लिए सागर जिले के अस्पतालों में रेफर किया गया है। २५ से अधिक ऐसे मरीज हैं जिनका इलाज सागर में चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार प्रभावित गांवों में लोगों के स्वास्थ्य की निगरानी कर रही हैं और किसी भी असामान्य लक्षण वाले व्यक्ति को तत्काल अस्पताल पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर ने विशेष रूप से उन सभी लोगों से अपील की है जिन्होंने पिछले २४ से ४८ घंटों के भीतर शराब का सेवन किया है और जिनमें उल्टी, सिरदर्द, अत्यधिक कमजोरी, बुखार या अन्य कोई असामान्य लक्षण दिखाई दे रहे हैं, वे बिना देर किए तत्काल निकटतम स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल पहुंचें।
पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त जांच जारी
इस भयावह घटना की सूचना मिलते ही, जिला पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंच गए। कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक स्वयं स्थिति पर बारीक नजर बनाए हुए हैं। आबकारी विभाग, स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की संयुक्त टीमें इस मामले की तह तक जाने के लिए पूरी तरह सक्रिय हैं। जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि यह संदिग्ध जहरीली शराब कहां से आई, इसे किसने उपलब्ध कराया और इसमें किस तरह के जहरीले पदार्थ का इस्तेमाल किया गया था, जिससे इतनी बड़ी संख्या में लोगों की जान गई।
नकली शराब के निर्माण और बिक्री पर सवालिया निशान
घटनाक्रम के बीच, कुछ रिपोर्ट्स में 'बाम्बे व्हिस्की' नामक एक ब्रांड की कथित नकली शराब के संबंध में पहले भी की गई शिकायतों का भी उल्लेख किया जा रहा है। इन पुराने शिकायतों पर आबकारी विभाग की अब तक की कार्रवाई को लेकर कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं। यह भी जांच का विषय है कि क्या इन शिकायतों पर समय रहते उचित कार्रवाई की गई होती तो आज यह अनहोनी टाली जा सकती थी। हालांकि, इस पूरे मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही या जिम्मेदारी तय करने से पहले, आधिकारिक जांच रिपोर्ट के निष्कर्षों का इंतजार करना आवश्यक है।
ग्रामीण इलाकों में भय और मातम का माहौल
एक साथ इतनी बड़ी संख्या में लोगों की मौत और दर्जनों के गंभीर रूप से बीमार होने की खबर से बंडा क्षेत्र के गांवों में भय और गहरे शोक का माहौल व्याप्त है। प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता प्रभावित लोगों को अविलंब आवश्यक चिकित्सा सहायता प्रदान करना और शराब के संदिग्ध स्रोत का शीघ्रताशीघ्र पता लगाना है, ताकि आगे किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके। फिलहाल, जहरीली शराब को ही इन मौतों का मुख्य कारण माना जा रहा है, परंतु इसका अंतिम वैज्ञानिक कारण पोस्टमार्टम और विस्तृत फोरेंसिक जांच रिपोर्ट से ही स्पष्ट हो पाएगा।
